Piramal Finance ने Q2 FY2027 के लिए दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **67%** बढ़कर **₹545 करोड़** पर पहुंच गया है, जिसके पीछे रिटेल लेंडिंग में **30%** की ग्रोथ मुख्य वजह है।
मुनाफे की रफ्तार और मार्जिन
Piramal Finance ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल आधार पर 67% बढ़कर ₹545 करोड़ हो गया है। कंपनी की कुल आय ₹1,767 करोड़ रही। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि कंपनी का कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो 61.2% से घटकर 52.1% पर आ गया है, जबकि नेट इनकम मार्जिन बढ़कर 6.5% हो गया है।
रिटेल पर फोकस और बोर्ड में बदलाव
कंपनी ने अपने बिजनेस मॉडल को पूरी तरह से रिटेल-केंद्रित बना लिया है, जिसका असर पोर्टफोलियो पर साफ दिख रहा है। अब कंपनी का 86% एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) रिटेल सेगमेंट से आता है। कंपनी ने ₹3,850 करोड़ की नई पूंजी जुटाई है, जो भविष्य के विस्तार के लिए एक मजबूत लिक्विडिटी बफर का काम करेगी। इसके अलावा, SBI के पूर्व चेयरमैन दिनेश कुमार खारा के इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में बोर्ड में शामिल होने से गवर्नेंस और मजबूत होगी।
रेटिंग और कर्ज का गणित
Moody’s ने कंपनी की रेटिंग को अपग्रेड करके 'Ba2' (स्टेबल आउटलुक) कर दिया है। इसका सीधा असर कंपनी के कर्ज की लागत पर भी दिख रहा है। लंबे समय के कर्ज की लागत (Incremental Cost) पहली छमाही में 8.46% रही, जो पिछले छमाही में 8.67% थी।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to Watch)
हालांकि कंपनी का ग्रोथ पाथ अच्छा है, लेकिन हाल ही में जुटाए गए फंड से इक्विटी डाइल्यूशन (Equity Dilution) का असर आने वाली तिमाहियों के रिटर्न रेश्यो पर देखने को मिल सकता है। साथ ही, निवेशकों को 'Wholesale 2.0' पोर्टफोलियो की एसेट क्वालिटी पर भी नजर रखनी होगी।
अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी इस नए कैपिटल को कितनी कुशलता से तैनात करती है और क्या 'Piramal.ai' प्लेटफॉर्म कलेक्शन और क्रेडिट डिसीजनिंग में और बेहतर नतीजे दे पाता है या नहीं।
