Piramal Finance ने चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **67%** बढ़कर **₹545 करोड़** पर पहुंच गया है, जिसके पीछे कंपनी का 'Growth' बिजनेस पर फोकस मुख्य वजह है।
मुनाफे की रफ्तार
Piramal Finance ने दूसरी तिमाही में अपने कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 67% की धमाकेदार ग्रोथ दर्ज की है, जो ₹545 करोड़ रही। वहीं, कंपनी की कुल इनकम में भी 33% का उछाल देखा गया, जो ₹1,767 करोड़ तक पहुंच गई। कंपनी का पूरा ध्यान अब 'Growth' बिजनेस पर है, जो अब टोटल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) का 98.5% हिस्सा बन चुका है।
ट्रांस्फॉर्मेशन और कैपिटल
DHFL मर्जर के बाद कंपनी अपने पुराने लेगेसी बुक (Legacy Book) को तेजी से खत्म कर रही है, जो इस बार सालाना आधार पर 69% कम हुआ है। ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रिटेल ओपेक्स-टू-AUM रेशियो घटकर 3.48% पर आ गया है। कंपनी ने ₹3,850 करोड़ की पूंजी जुटाकर अपनी बैलेंस शीट को और भी मजबूत बना लिया है।
आगे की चुनौतियां और रिस्क
निवेशकों को IRDAI के उन संभावित रेगुलेटरी बदलावों पर नजर रखनी चाहिए, जो इंश्योरेंस कमीशन कैप से जुड़े हैं। हालांकि मैनेजमेंट का मानना है कि उनके पास इसके प्रभाव को कम करने के उपाय हैं, लेकिन FY28 के मार्जिन पर थोड़ा असर पड़ सकता है। साथ ही, गोल्ड लोन और IT सेक्टर के होम लोन पोर्टफोलियो की क्रेडिट क्वालिटी पर भी बाजार की पैनी नजर बनी रहेगी।
मजबूती के संकेत
कंपनी का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 20.1% पर बरकरार है। क्रेडिट रेटिंग में सुधार के चलते कंपनी की बॉरोइंग कॉस्ट (Borrowing cost) घटकर 8.46% रह गई है, जो नेट इंटरेस्ट मार्जिन को सुरक्षित रखने में मदद कर रही है।
