Piramal Finance के FY26 के नतीजे: AUM ₹1 लाख करोड़ के पार, प्रॉफिट तीन गुना!
कंसॉलिडेटेड AUM: ₹1,01,230 करोड़
नेट प्रॉफिट (FY26): ₹1,506 करोड़
बड़ी बातें
Piramal Finance Ltd ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर (FY26) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी की कंसॉलिडेटेड AUM (Assets Under Management) ₹1,01,230 करोड़ पर पहुंच गई, जो पिछले साल की तुलना में 25% की जोरदार बढ़ोतरी है। इसी के साथ, नेट प्रॉफिट (PAT) में 210% का उछाल आया और यह ₹1,506 करोड़ रहा, जबकि FY25 में यह ₹485 करोड़ था। कंपनी की कुल आय में भी 22% का इजाफा हुआ और यह ₹5,601 करोड़ रही।
क्यों है यह अहम?
ये नतीजे Piramal Finance के लिए एक बड़े टर्नअराउंड का संकेत देते हैं। इस शानदार प्रदर्शन की मुख्य वजह रिटेल-फोकस्ड लेंडिंग मॉडल में कंपनी की सफल ट्रांजिशन है। कंपनी ने पुराने और बंद हो रहे बिजनेस से अपनी एक्सपोजर को काफी कम कर दिया है, जो अब कुल AUM का 3% से भी कम है। इस स्ट्रैटेजिक बदलाव से कंपनी का बैलेंस शीट डी-रिस्क हुआ है और यह लगातार ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी की राह पर है। मजबूत नतीजों और मैनेजमेंट के FY27 के महत्वाकांक्षी गाइडेंस से आगे भी अच्छी रफ्तार की उम्मीद है।
बैकस्टोरी
पिछले कुछ सालों से Piramal Finance अपने बिजनेस मिक्स को बदलने पर काम कर रही है। कंपनी ने होलसेल लेंडिंग से हटकर रिटेल सेगमेंट जैसे हाउसिंग लोन, यूज्ड कार लोन और माइक्रो-एंटरप्राइज लोन पर फोकस बढ़ाया है। इस रणनीति के तहत, उन्होंने धीरे-धीरे अपने पुराने होलसेल पोर्टफोलियो का साइज कम किया है।
अब आगे क्या?
कंपनी अब आगे और ग्रोथ के लिए तैयार है। मैनेजमेंट ने FY27 के लिए करीब 25% AUM ग्रोथ और 50% प्रॉफिट ग्रोथ का अनुमान लगाया है। AUM का नया मिक्स 85% रिटेल की ओर झुक गया है, जबकि पुराने बिजनेस का हिस्सा घटकर केवल ₹2,807 करोड़ रह गया है। कंपनी का ऑपरेशनल स्केल भी बढ़ा है, जिसके तहत देश भर में 701 ब्रांचेज काम कर रही हैं। ऑपरेशंस में AI के इंटीग्रेशन पर भी कंपनी का खास फोकस है।
किन बातों पर रहेगी नजर?
निवेशकों को कंपनी की एसेट क्वालिटी पर नजर रखनी होगी, खासकर जब रिटेल लोन बुक तेजी से बढ़ रही है। यह भी देखना होगा कि क्या कंपनी FY27 के लिए अपने आक्रामक ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी के लक्ष्यों को हासिल कर पाती है या नहीं। रिटेल स्ट्रैटेजी का लगातार एग्जीक्यूशन और संभावित इकोनॉमिक हेडविंड्स को मैनेज करना महत्वपूर्ण होगा।
