Piramal Finance ने प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए ₹2,000 करोड़ के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करने की घोषणा की है। इस पर कंपनी **8.57%** का कूपन रेट (ब्याज) देगी, जिसकी अवधि 3 साल और 45 दिन होगी।
क्या है पूरा मामला?
Piramal Finance के डायरेक्टर्स की कमेटी ने 8 सितंबर 2026 को इन सिक्योरड, रेटेड, लिस्टेड और रिडीमेबल NCDs को मंजूरी दी है। इस इश्यू का बेस साइज ₹500 करोड़ है, जिसमें ₹1,500 करोड़ का 'ग्रीन शू ऑप्शन' (Green Shoe Option) भी शामिल है।
निवेशकों के लिए अहम जानकारी
इस फंड जुटाने के फैसले से कंपनी की लिक्विडिटी मजबूत होगी। 8.57% का सालाना कूपन रेट उन संस्थागत निवेशकों के लिए एक फिक्स्ड इनकम का जरिया है, जो सुरक्षित विकल्प तलाश रहे हैं। इन डिबेंचर्स की अवधि 3 साल और 45 दिन तय की गई है।
सिक्योरिटी और नियम
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ये डिबेंचर्स कंपनी की एसेट्स पर 'फर्स्ट-रैंकिंग' चार्ज द्वारा सुरक्षित होंगे। साथ ही, कंपनी को पूरे कार्यकाल के दौरान 1x का सिक्योरिटी कवर बनाए रखना अनिवार्य होगा। ये NCDs BSE और NSE के होलसेल डेट मार्केट सेगमेंट में लिस्ट होंगे।
चूक होने पर पेनल्टी
अगर कंपनी ब्याज या मूलधन (Principal) का भुगतान करने में देरी करती है, तो उसे मूल कूपन दर पर 2% प्रति वर्ष की अतिरिक्त पेनल्टी देनी होगी।
आगे चलकर यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनी इस फंड का इस्तेमाल क्रेडिट ग्रोथ को बढ़ाने में कैसे करती है, जिस पर नजर रखना निवेशकों के लिए जरूरी है।
