Pioneer Investcorp का फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए नेट प्रॉफिट बढ़कर **₹15.91 करोड़** पहुंच गया है। कंपनी ने वर्किंग कैपिटल बचाने के लिए डिविडेंड न देने का फैसला किया है और अब **₹300 करोड़** तक फंड जुटाने की तैयारी है।
मुनाफे में शानदार रफ्तार
कंपनी के नतीजों पर नजर डालें तो परफॉर्मेंस काफी दमदार रही है। पिछले साल के ₹7.89 करोड़ के मुकाबले, इस बार कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दोगुना होकर ₹15.91 करोड़ हो गया है। साथ ही, कंपनी की टोटल इनकम भी ₹46.71 करोड़ से बढ़कर ₹54.86 करोड़ पर पहुंच गई है।
फंड जुटाने की बड़ी योजना
बोर्ड ने अपनी विस्तार योजनाओं के लिए ₹300 करोड़ तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि, मौजूदा निवेशकों को डिविडेंड का इंतजार था, लेकिन बोर्ड ने फिलहाल इसे टालने का निर्णय लिया है। इसका मुख्य उद्देश्य वर्किंग कैपिटल को मजबूत करना और भविष्य के कारोबार को रफ्तार देना है।
आगे क्या होगा?
इस फंड जुटाने के प्रस्ताव पर 30 सितंबर, 2026 को होने वाली 41वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। इस मीटिंग में सरस्वती सदाशिवन की दोबारा नियुक्ति पर भी चर्चा होगी। निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी होगी कि कंपनी इस ₹300 करोड़ के फंड का इस्तेमाल कैसे करती है और यह उनके ग्रोथ मोमेंटम को कैसे सपोर्ट करता है।
