Persistent Systems को अपने ₹8,000 करोड़ के प्रस्तावित डेट इंस्ट्रूमेंट्स के लिए ICRA से रेटिंग मिल गई है। कंपनी कमर्शियल पेपर और NCD के जरिए फंड जुटाएगी, लेकिन ICRA ने कंपनी की रेटिंग को 'नेगेटिव वॉच' (Negative Watch) पर बरकरार रखा है, जो निवेशकों के लिए सतर्क रहने का संकेत है।
फंड जुटाने की तैयारी
Persistent Systems ने BSE को दी जानकारी में बताया कि उन्हें अपने प्रस्तावित डेट इंस्ट्रूमेंट्स के लिए रेटिंग मिल चुकी है। इसमें ₹1,000 करोड़ के कमर्शियल पेपर और ₹7,000 करोड़ के नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचर्स (NCD) शामिल हैं। कमर्शियल पेपर को [ICRA]A1+ और NCDs को [ICRA]AA+ की रेटिंग दी गई है।
क्यों है चिंता की बात?
रेटिंग मिलने का मतलब है कि कंपनी अब फंड जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है, लेकिन ICRA का 'Rating Watch with Negative Implications' का रुख निवेशकों की चिंता बढ़ा सकता है। इसका सीधा मतलब है कि एजेंसी कंपनी के वित्तीय और ऑपरेशनल आउटलुक पर बारीकी से नजर रखे हुए है और भविष्य में क्रेडिट प्रोफाइल पर दबाव बन सकता है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
कंपनी की यह रेटिंग 3 महीने तक वैध है। इस दौरान कंपनी को SEBI के नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा, जिसमें भुगतान के लिए 'पेनी-ड्रॉप' वेरिफिकेशन जैसी शर्तें अनिवार्य हैं। निवेशकों को अब कंपनी के आगामी नतीजों और मैनेजमेंट की कमेंट्री पर नजर रखनी चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि कंपनी के क्रेडिट प्रोफाइल में सुधार हो रहा है या नहीं।
