Persistent Systems ने प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए ₹7,000 करोड़ के नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी किए हैं। इन डिबेंचर्स पर कंपनी **8.95%** का सालाना ब्याज देगी, जो 2 से 5 साल की अवधि के लिए जारी किए गए हैं।
भारी भरकम फंड जुटाने की तैयारी
आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Persistent Systems ने 7,00,000 नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) का अलॉटमेंट पूरा कर लिया है, जिनकी कुल वैल्यू ₹7,000 करोड़ है। कंपनी ने इन डिबेंचर्स को ₹1 लाख प्रति फेस वैल्यू पर जारी किया है। यह कदम कंपनी की लॉन्ग-टर्म कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए एक बड़ी रणनीति माना जा रहा है।
कैसे काम करेगी यह डेट स्कीम?
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की स्पेशल कमेटी ने इस फंड जुटाने की मंजूरी दी थी। इस पूरी प्रक्रिया को 6 सीरीज में बांटा गया है। दिलचस्प बात यह है कि कंपनी ने सिक्योरिटी के लिए एक 'टियर्ड स्ट्रक्चर' तैयार किया है।
- सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड का मिश्रण: सीरीज 1, 2, 5 और 6 के लिए कंपनी ने एसेट चार्ज और शेयर प्लेज (शेयर गिरवी रखने) की सुविधा दी है, जिसमें Galaxy Germany Holding SE और Nagarro SE से जुड़े शेयर्स और AAA-रेटेड डेट सिक्योरिटीज़ शामिल हैं।
- अनसिक्योर्ड हिस्सा: सीरीज 3 और 4 को पूरी तरह से अनसिक्योर्ड रखा गया है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
कंपनी के पास अब ₹7,000 करोड़ की लिक्विडिटी तो आ गई है, लेकिन इसके साथ ही 8.95% का फिक्स्ड इंटरेस्ट बोझ भी बढ़ गया है। निवेशकों को अब अगली तिमाही की अर्निंग कॉल पर नजर रखनी होगी, ताकि यह समझा जा सके कि कंपनी अपने प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रखते हुए इस कर्ज का प्रबंधन कैसे करती है। भविष्य में कंपनी के इंटरेस्ट कवरेज रेशियो और डेट-टू-इक्विटी रेशियो पर नज़र रखना निवेशकों के लिए बेहद ज़रूरी होगा।
