Paisalo Digital के लिए Q1 FY27 शानदार रहा। कंपनी ने पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले अपना मुनाफा **30%** बढ़ाकर **₹61.3 करोड़** कर लिया है। साथ ही, कंपनी का AUM (Assets Under Management) भी **₹6700 करोड़** के पार निकल गया है।
Paisalo Digital का धमाकेदार प्रदर्शन: Q1 FY27 में 30% बढ़ा मुनाफा!
Paisalo Digital ने वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी ने पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले अपने मुनाफे (Profit After Tax - PAT) में 30% की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी का मुनाफा बढ़कर ₹61.3 करोड़ पर पहुंच गया है।
AUM और डिस्बर्समेंट में रिकॉर्ड तोड़ उछाल!
इस तिमाही में कंपनी ने एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) के मामले में भी नया कीर्तिमान स्थापित किया है। Paisalo Digital का AUM अब ₹6,707.4 करोड़ हो गया है। वहीं, डिस्बर्समेंट (Disbursements) में तो कंपनी ने 128% की भारी उछाल दर्ज की, जो पिछले साल के मुकाबले बढ़कर ₹1,730.9 करोड़ पर पहुंच गया। यह कंपनी की विस्तारवादी रणनीति और बेहतर एग्जीक्यूशन का साफ संकेत है।
आय और नेट इंटरेस्ट इनकम में भी मजबूती
कंपनी की टोटल इनकम (Total Income) में 19% की सालाना वृद्धि देखी गई, जो ₹260.3 करोड़ रही। वहीं, नेट इंटरेस्ट इनकम (Net Interest Income) ₹144.7 करोड़ दर्ज की गई। यह सब कंपनी के मजबूत परिचालन (Operational Performance) और बेहतर एसेट क्वालिटी को दर्शाता है। कंपनी का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 6.6% रहा, जबकि ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) सिर्फ 0.70% और कलेक्शन एफिशिएंसी 97.5% रही।
AI और विस्तार का फायदा
Paisalo Digital अपनी फिजिकल प्रेजेंस बढ़ाने और लेंडिंग प्रोसेस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को इंटीग्रेट करने पर जोर दे रही है। कंपनी का लक्ष्य AI-led लेंडिंग फ्रेंचाइजी बनाना है, जिससे एफिशिएंसी और रिस्क मैनेजमेंट बेहतर हो सके। कंपनी के 5,995 टच पॉइंट्स 23 राज्यों में फैले हुए हैं, जिसने रिकॉर्ड डिस्बर्समेंट में अहम भूमिका निभाई है। मैनेजमेंट का लक्ष्य अगले तीन सालों में AUM और मुनाफे को दोगुना करना है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
कंपनी के नतीजे दमदार हैं, लेकिन निवेशकों को ध्यान देना होगा कि AI और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में चल रहे निवेश के कारण आने वाले समय में कंपनी का कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो (Cost-to-Income Ratio) लगभग 40% के आसपास बना रह सकता है। इसके अलावा, SBI के साथ को-लेंडिंग अरेंजमेंट पर बैंक की कंप्लायंस की प्रतीक्षा है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को SBI के साथ को-लेंडिंग पार्टनरशिप की प्रगति और AI निवेशों से कंपनी को मिलने वाले ऑपरेशनल एफिशिएंसी और लागत में कमी पर नजर रखनी चाहिए। कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो का ट्रेंड और डिस्बर्समेंट में लगातार ग्रोथ कंपनी के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण संकेतकों का काम करेंगे।
