Padam Cotton Yarns के निवेशकों के लिए चिंता की खबर है। कंपनी ने अपने राइट्स इश्यू से जुटाए गए **₹18.71 करोड़** में से **15.23%**, यानी **₹2.85 करोड़**, का इस्तेमाल गलत तरीके से किया है। यह पैसा ऑफर डॉक्यूमेंट में बताई गई जगहों पर खर्च नहीं हुआ।
फंड डायवर्जन का खुलासा
Padam Cotton Yarns Limited की निगरानी करने वाली एजेंसी Infomerics Valuation and Rating Limited ने एक बड़ी गड़बड़ का खुलासा किया है। कंपनी ने राइट्स इश्यू के ज़रिए ₹18.71 करोड़ जुटाए थे, लेकिन इसमें से ₹2.85 करोड़ (जो कि कुल राशि का 15.23% है) का इस्तेमाल ऑफर डॉक्यूमेंट में बताए गए उद्देश्यों से अलग किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
मामला तब सामने आया जब एजेंसी को पता चला कि ₹0.37 करोड़ का भुगतान 'Ved Shastra Astro' को इश्यू से जुड़े खर्चों के तौर पर किया गया, जिसे एजेंसी वेरिफाई नहीं कर सकी। इससे भी बड़ी बात यह है कि ₹2.80 करोड़ जो कि 'जनरल कॉर्पोरेट पर्पज' के लिए रखे गए थे, उन्हें ब्याज वाले लोन के रूप में 'Ved Shastra Astro' (₹0.48 करोड़) और 'DSP Technical and Financial Services' (₹2.00 करोड़) को दे दिया गया। ऑफर डॉक्यूमेंट में इन लेन-देन का कोई ज़िक्र नहीं था।
कंपनी का क्या कहना है?
Padam Cotton Yarns के मैनेजमेंट ने इस पर सफाई देते हुए कहा है कि यह एक बिज़नेस डिसीजन था जिसका मकसद आमदनी कमाना और कंपनीज़ एक्ट, 2013 के सेक्शन 186 का पालन करना था। कंपनी का दावा है कि इसके लिए बोर्ड और शेयरहोल्डर्स की मंज़ूरी भी ली जा चुकी है। हालाँकि, फंड के इस्तेमाल में यह अंतर कंपनी के दावों और एक्शन के बीच की खाई को दर्शाता है।
निवेशकों के लिए क्या है जोखिम?
निवेशकों को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि कुछ खर्चों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और कॉर्पोरेट लोन की प्रकृति भी सवालों के घेरे में है। ऑफर डॉक्यूमेंट से फंड के उपयोग में यह अंतर रेगुलेटर्स का ध्यान खींच सकता है।
