PTC India Financial Services (PFS) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट 47% बढ़कर **₹319.36 करोड़** हो गया है। यह शानदार उछाल मुख्य रूप से फाइनेंसिंग लागत में 30% की बड़ी कटौती के कारण संभव हुआ है।
PTC India Financial Services का शानदार प्रदर्शन: FY26 में 47% बढ़ा मुनाफा
PTC India Financial Services (PFS) ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड आधार पर ₹319.36 करोड़ का शुद्ध लाभ (Net Profit) दर्ज किया है, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के ₹217.05 करोड़ की तुलना में 47% की बड़ी बढ़ोतरी है।
आय में गिरावट के बावजूद कैसे बढ़ा मुनाफा?
हालांकि, इस अवधि के लिए कंपनी की कुल आय (Total Income) में 18.77% की गिरावट आई और यह ₹518.25 करोड़ रही। लेकिन, फाइनेंसिंग लागत (Finance Costs) में 30.08% की भारी कमी ने इस आय की कमी को पाट दिया और निचले स्तर (Bottom Line) को मजबूत करने में मदद की।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
कंपनी की प्रति शेयर आय (EPS) भी ₹3.38 से बढ़कर ₹4.97 हो गई है। इसके अलावा, EBITDA में भी मामूली बढ़ोतरी देखी गई है, जो ₹606.14 करोड़ से बढ़कर ₹621.62 करोड़ हो गया है। यह बेहतर परिचालन प्रदर्शन का संकेत देता है।
पीछे की कहानी और आगे की राह
पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में PFS ने ₹217.05 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। कंपनी ने अपने पोर्टफोलियो की गुणवत्ता में सुधार और ज्यादा से ज्यादा डिस्बर्समेंट (Disbursements) के जरिए बिजनेस ग्रोथ पर लगातार फोकस बनाए रखा है।
बड़े बदलाव और जोखिम
वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का डेट-इक्विटी रेशियो (Debt-Equity Ratio) सुधरकर 0.57 हो गया है, जो पिछले साल के 1.03 से काफी बेहतर है। इससे कंपनी के वित्तीय प्रबंधन की मजबूती का पता चलता है। हालांकि, कुल आय में आई गिरावट पर निवेशकों को नजर बनाए रखनी चाहिए। साथ ही, इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत उधारकर्ताओं के समाधान पर कंपनी का ध्यान भविष्य में क्रेडिट लॉस को प्रबंधित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
महत्वपूर्ण आंकड़े:
- ग्रॉस एनपीए (Gross NPAs): FY25 के ₹711 करोड़ से घटकर FY26 में ₹190.03 करोड़ हो गया।
- नेट एनपीए (Net NPAs): FY25 के ₹117 करोड़ से घटकर FY26 में ₹46.98 करोड़ हो गया।
- डिस्बर्समेंट (Disbursements): लगभग 35% बढ़कर FY26 में ₹1,235 करोड़ (FY25 में ₹916 करोड़) रहा।
- डेट-इक्विटी रेशियो: FY25 के 1.03 से सुधरकर FY26 में 0.57 हो गया।
