PTC India Financial Services के सितंबर तिमाही के नतीजे जारी हो गए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल आधार पर **₹88.14 करोड़** से घटकर **₹44.04 करोड़** पर आ गया है। हालांकि, कंपनी ने **RBI** के **75%** इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस एक्सपोजर मानदंड को पूरा करने की बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है।
मुनाफे में बड़ी गिरावट
सितंबर 2026 की तिमाही में कंपनी की कुल आय घटकर ₹113.67 करोड़ रही, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹131.86 करोड़ थी। मुनाफे में आई इस गिरावट का मुख्य कारण लोन इंपेयरमेंट और एसेट एडजस्टमेंट से जुड़े अकाउंटिंग प्रभाव हैं।
रेगुलेटरी राहत
निवेशकों के लिए एक सकारात्मक खबर यह है कि कंपनी ने NBFC-IFC स्टेटस के लिए जरूरी 75% इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस एक्सपोजर के लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है। ऑडिटर्स ने अक्टूबर 2026 तक इस कंप्लायंस की पुष्टि कर दी है, जिससे लंबे समय से चल रही रेगुलेटरी अनिश्चितता खत्म हो गई है।
बैलेंस शीट की सफाई
कंपनी ने अपनी एसोसिएट कंपनी, R.S. India Wind Energy Private Limited में किए गए ₹61.12 करोड़ के इक्विटी निवेश को टेक्निकल राइट-ऑफ कर दिया है। कंपनी ने साफ किया है कि इस निवेश के प्रति अब उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है, जो कि बैलेंस शीट को व्यवस्थित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
आगे क्या?
निवेशकों को कंपनी के अर्निंग्स ट्रैजेक्टरी पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि एसेट क्वालिटी से जुड़ी चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। कंपनी का भविष्य अब स्ट्रेस्ड एसेट्स के रिजॉल्यूशन और कोर ऑपरेशनल परफॉर्मेंस में सुधार पर टिका है।
