PNB Housing Finance ने फंड जुटाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए **₹6,000 करोड़** तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी करने को बोर्ड की मंजूरी दे दी है।
फंड जुटाने का मकसद
हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर में लिक्विडिटी बनाए रखने के लिए कंपनी ने यह कदम उठाया है। इस फंड का इस्तेमाल मुख्य रूप से लोन बुक के विस्तार और कामकाजी जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा। यह निर्णय 17 अगस्त, 2026 को हुई कंपनी की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के उस फैसले के अनुरूप है, जिसमें शेयरधारकों ने कुल ₹10,000 करोड़ तक की उधारी की अनुमति दी थी। कंपनी इस राशि को किस्तों में जुटाएगी, जिससे उसे अपने फाइनेंसिंग शेड्यूल को मैनेज करने में काफी फ्लेक्सिबिलिटी मिलेगी।
गवर्नेंस और नेतृत्व में बदलाव
फंड जुटाने के अलावा, कंपनी ने अपने मुख्य सूचना अधिकारी (CIO) अनुभव राजपूत के ट्रांजिशन पीरियड को भी बढ़ा दिया है। अब वे 30 सितंबर, 2026 तक अपनी जिम्मेदारी संभालते रहेंगे। इस फैसले के पीछे का मुख्य उद्देश्य लीडरशिप के दौरान जिम्मेदारियों का सहज हैंडओवर सुनिश्चित करना है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
आने वाले समय में निवेशकों को इन NCDs की ब्याज दरों (Coupon Rates), टेन्योर और अलॉटमेंट की तारीखों पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, कंपनी की डिजिटल और इंफ्रास्ट्रक्चर रणनीति को देखते हुए नए CIO की नियुक्ति की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी।
