Oseaspre Consultants Limited ने **30 अक्टूबर, 2026** को एक अहम EGM बुलाई है। इस मीटिंग में **₹2.40 करोड़** के प्रिफरेंशियल इश्यू को मंजूरी दी जाएगी, जिससे कंपनी के मालिकान हक (Change of Control) में बड़ा बदलाव होने जा रहा है।
मैनेजमेंट में बड़े बदलाव की तैयारी
कंपनी ने 30 अक्टूबर, 2026 को होने वाली EGM में शेयरहोल्डर्स से दो बड़े फैसलों पर मुहर लगवाने का फैसला किया है। सबसे पहला फैसला है कंपनी की ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल को ₹20 लाख से बढ़ाकर ₹70 लाख करना। इसके अलावा, कंपनी नॉन-प्रमोटर निवेशकों को 5 लाख नए शेयर जारी करेगी, जो ₹48 प्रति शेयर की कीमत पर दिए जाएंगे। इस पूरे प्रिफरेंशियल इश्यू से कंपनी के पास ₹2.40 करोड़ का फंड आएगा।
क्यों खास है यह डील?
यह कोई मामूली फंड रेजिंग नहीं है, बल्कि कंपनी में मालिकान हक बदलने की प्रक्रिया है। निमेश सहदेव सिंह, जिन्हें 3,25,000 शेयर जारी किए जाएंगे, वे SEBI (Substantial Acquisition of Shares and Takeovers) रेगुलेशन के तहत 'ओपन ऑफर' पेश करेंगे। प्रक्रिया पूरी होने के बाद, यह नया ग्रुप कंपनी का नया प्रमोटर बन जाएगा।
प्रमोटर होल्डिंग का गणित
फिलहाल कंपनी में प्रमोटर्स के पास 73.52% हिस्सेदारी है, जो इस इश्यू के बाद गिरकर महज 21.01% रह जाएगी। वहीं, नॉन-प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी 26.48% से बढ़कर 78.99% तक पहुंच जाएगी।
निवेशकों के लिए अहम तारीखें
- कट-ऑफ डेट: 23 अक्टूबर, 2026
- ई-वोटिंग: 26 अक्टूबर से 29 अक्टूबर, 2026 तक
जुटाए गए फंड का उपयोग कंपनी अन्य कॉर्पोरेट्स में निवेश, वर्किंग कैपिटल और विस्तार योजनाओं के लिए करेगी, जिसमें से ₹60 लाख जनरल कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए रखे गए हैं। अब निवेशकों की नजर आने वाले 'पब्लिक अनाउंसमेंट' पर है, जो भविष्य की दिशा तय करेगा।
