NCLT चेन्नई ने Orchid Pharma और Dhanuka Laboratories के मर्जर (Amalgamation) स्कीम को हरी झंडी दे दी है। इस डील में **161 Orchid Pharma** शेयर के बदले **5 Dhanuka Laboratories** शेयर का स्वैप रेश्यो (Share Swap Ratio) तय किया गया है, जो **1 अप्रैल, 2024** से लागू होगा। NCLT ने माना कि यह स्कीम शेयरधारकों के हितों के खिलाफ नहीं है।
NCLT ने दी मर्जर को मंजूरी
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की चेन्नई बेंच ने Orchid Pharma लिमिटेड और Dhanuka Laboratories लिमिटेड के बीच हुए Amalgamation Scheme को मंजूरी दे दी है। इस मर्जर की प्रभावी तारीख 1 अप्रैल, 2024 तय की गई है। इसके तहत, 5 Dhanuka Laboratories के हर शेयर के बदले Orchid Pharma के 161 इक्विटी शेयर दिए जाएंगे।
मर्जर से क्या होगा फायदा?
NCLT की यह मंजूरी मर्जर को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उम्मीद है कि इस मर्जर से दोनों कंपनियों के बीच ऑपरेशनल तालमेल (Operational Synergies) बढ़ेगा, प्रोडक्ट पोर्टफोलियो का विस्तार होगा और कंबाइंड एंटिटी की भौगोलिक पहुंच (Geographical Reach) भी बढ़ेगी। मैनेजमेंट का लक्ष्य ग्रुप स्ट्रक्चर को सरल बनाना, एडमिनिस्ट्रेटिव खर्चों को कम करना और साझा संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करना है।
क्या है पूरा मामला?
16 मई, 2019 की एक रेजोल्यूशन प्लान के तहत, कंबाइंड एंटिटी के लिए ₹1,400 करोड़ से ₹1,500 करोड़ तक की सेल्स टर्नओवर और ₹200 करोड़ से ₹250 करोड़ तक के EBITDA का अनुमान लगाया गया था। यह मंजूरी कंपनियों को इन ऐतिहासिक लक्ष्यों को हासिल करने के करीब ले आई है।
आगे क्या होगा?
इस मंजूरी के बाद, मर्जर की लीगल 'Effective Date' तय की जाएगी, जो NCLT के सर्टिफाइड ऑर्डर को रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास फाइल करने पर निर्भर करेगा। दोनों कंपनियों के बोर्ड शेयर स्वैप के लिए रिकॉर्ड डेट आपसी सहमति से तय करेंगे। Dhanuka Laboratories के कर्मचारियों को Orchid Pharma में बिना किसी सेवा रुकावट के शामिल कर लिया जाएगा।
किन बातों का ध्यान रखना है?
शेयरधारकों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के तहत अलग से कार्यवाही शुरू करने का अधिकार रखता है। इसके अलावा, NCLT ने चार्टर्ड अकाउंटेंट के सर्टिफिकेट और MCA21 पोर्टल पर दर्ज एक्टिव चार्जेज के बीच कुछ विसंगतियां पाई हैं, जिन्हें कंपनियों को स्पष्ट करना होगा।
इंडस्ट्री ट्रेंड
फार्मा सेक्टर में मर्जर और एक्विजिशन (Mergers and Acquisitions) के जरिए इंडस्ट्री कंसॉलिडेशन (Industry Consolidation) एक आम रणनीति है। कंपनियां स्केल हासिल करने, पोर्टफोलियो में विविधता लाने और मार्केट में अपनी प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ाने के लिए ऐसा करती हैं।
