Optiemus Infracom का दमदार प्रदर्शन, पर दोहरी चिंता
Optiemus Infracom लिमिटेड ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले तिमाही के ₹12.23 करोड़ की तुलना में 84% बढ़कर ₹22.47 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस भी ₹430.01 करोड़ से बढ़कर ₹484.98 करोड़ हो गया है।
ऑडिटर की रिपोर्ट और कानूनी पेंच
जहां कंपनी का मुनाफा बढ़ा है, वहीं ऑडिटर की रिपोर्ट में कुछ गंभीर चिंताएं भी जताई गई हैं। रिपोर्ट में सब्सिडियरी कंपनियों में इंटरनल कंट्रोल्स की कमजोरियों और एक ग्रुप एंटिटी, FineMs Electronics Private Limited, के गोइंग कंसर्न (निरंतर चालू रहने की क्षमता) पर मटेरियल अनिश्चितता का जिक्र है।
इसके अलावा, कंपनी BlackBerry Limited के साथ एक बड़े कानूनी विवाद में उलझी हुई है। BlackBerry ने सॉफ्टवेयर लाइसेंस फीस के तौर पर $22.52 मिलियन का क्लेम किया है। Optiemus Infracom ने दिसंबर 2025 में इस क्लेम को खारिज करने की याचिका दायर की थी और अपना $22.43 मिलियन का काउंटरक्लेम भी ठोंका है।
आगे क्या?
निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी मैनेजमेंट ऑडिटर द्वारा बताई गई इंटरनल कंट्रोल्स और ERP सिस्टम की खामियों को कैसे दूर करती है। साथ ही, FineMs Electronics के गोइंग कंसर्न स्टेटस और BlackBerry के साथ चल रहे कानूनी मामले से जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए कंपनी की रणनीति भविष्य के प्रदर्शन और निवेशकों के भरोसे के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
