One Mobikwik Systems ने FY26 में अपने कंसोलिडेटेड घाटे को घटाकर **₹621.01 मिलियन** कर लिया है, जो कि पिछले साल के मुकाबले एक बड़ी राहत है। कंपनी को NBFC लाइसेंस मिलने और पेमेंट एग्रीगेशन क्षमताओं के मजबूत होने से अब अपनी बुक पर सीधे लोन देने और मुनाफा कमाने की राह साफ दिख रही है।
One Mobikwik Systems ने FY26 में घाटा कम किया, NBFC लाइसेंस हासिल किया
कंसोलिडेटेड PAT लॉस FY26: ₹(621.01) मिलियन (FY25 में ₹(1,215.29) मिलियन था)
कंसोलिडेटेड EBITDA लॉस FY26: ₹(51.94) मिलियन (FY25 में ₹(793.99) मिलियन था)
क्या हुआ?
One Mobikwik Systems Ltd. ने वित्तीय वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए अपने कंसोलिडेटेड नेट लॉस में उल्लेखनीय कमी दर्ज की है। यह घाटा घटकर ₹621.01 मिलियन रह गया, जो पिछले वित्तीय वर्ष के ₹1,215.29 मिलियन के घाटे से काफी बेहतर है। कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA लॉस भी FY25 के ₹793.99 मिलियन से सुधरकर ₹51.94 मिलियन हो गया। FY26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹11,192.32 मिलियन रहा, जो FY25 के ₹11,701.74 मिलियन से मामूली रूप से कम है।
सबसे अहम खबर यह है कि कंपनी को अप्रैल 2026 में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से NBFC लाइसेंस के लिए इन-प्रिंसिपल (in-principle) मंजूरी मिल गई है। इससे Mobikwik अब एक लैंडिंग सर्विस प्रोवाइडर (LSP) मॉडल से सीधे अपनी बुक पर लोन देने वाले मॉडल में बदल सकती है, जिससे कंपनी पूरे नेट इंटरेस्ट मार्जिन (net interest margins) को अपने पास रख पाएगी। इसके अलावा, कंपनी की सब्सिडियरी Zaakpay को अप्रैल 2025 में ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर (PA-O) लाइसेंस मिला और मई 2026 में पेमेंट एग्रीगेटर - फिजिकल (PA-P) के लिए भी इन-प्रिंसिपल मंजूरी मिली है।
Mobikwik ने अपने छोटे टेन्योर वाले 'बाय नाउ पे लेटर' (BNPL) प्रोडक्ट से भी बाहर निकलने का फैसला किया है, जिसके तहत वह पहले हर तिमाही ₹2,500 करोड़ का डिस्बर्समेंट करती थी। अब कंपनी अपने टिकाऊ, टेन्योर-आधारित ZIP EMI पर्सनल लोन प्रोडक्ट पर फोकस करेगी।
यह क्यों मायने रखता है?
सुधरे हुए वित्तीय नतीजे, खासकर कम हुआ घाटा, यह दर्शाता है कि कंपनी की रणनीतिक बदलाव सही दिशा में जा रही है। NBFC लाइसेंस एक बड़ा कदम है, जो Mobikwik को अपने लेंडिंग बिज़नेस से ज्यादा मार्जिन कमाने में मदद करेगा। मजबूत पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस मर्चेंट पेमेंट (merchant payment) में कंपनी की क्षमताओं को और बढ़ाएंगे। ये सभी कदम मिलकर कंपनी को फिनटेक (fintech) की गलाकाट प्रतिस्पर्धा में लंबी अवधि की लाभप्रदता (profitability) और टिकाऊ ग्रोथ की राह पर ला सकते हैं।
पूरी कहानी
One Mobikwik Systems भारत के तेजी से बदलते डिजिटल पेमेंट और फिनटेक सेक्टर में काम करती है। कंपनी लाभ कमाने के लिए अपने बिज़नेस मॉडल को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। FY26 में, इसके पेमेंट बिज़नेस में ग्रॉस मर्चेंडाइज वॉल्यूम (GMV) में 57% की सालाना ग्रोथ देखी गई, जबकि कॉस्ट एफिशिएंसी (cost efficiencies) और ज्यादा मार्जिन वाले ट्रांजैक्शन (transactions) पर फोकस के कारण ग्रॉस प्रॉफिट 90% बढ़ा। फाइनेंशियल सर्विसेज (financial services) में भी ग्रॉस मार्जिन (gross margin) में काफी बढ़ोतरी हुई। कंपनी ने AI का भी भरपूर इस्तेमाल किया, जहां FY26 में 86% कस्टमर सपोर्ट इंटरैक्शन (customer support interactions) सेल्फ-सर्व्ड (self-served) थे और 80% कोड AI द्वारा जनरेट किया गया। इससे ऑपरेटिंग लेवरेज (operating leverage) में मदद मिली, क्योंकि ऑपरेशंस को बढ़ाने के बावजूद फिक्स्ड कॉस्ट (fixed costs) को कंट्रोल में रखा गया।
अब क्या बदलेगा?
कंपनी अपनी NBFC सब्सिडियरी को चालू करने और अपनी बुक पर लेंडिंग मॉडल अपनाने के लिए तैयार है। इससे फाइनेंशियल सर्विसेज से होने वाली आय और मुनाफे में काफी बढ़ोतरी की उम्मीद है। पेमेंट एग्रीगेशन लाइसेंस के मजबूत होने से मर्चेंट पेमेंट बिज़नेस में भी ग्रोथ देखने को मिलेगी। मैनेजमेंट ने FY28 तक रेवेन्यू में 10 गुना बढ़ोतरी का बड़ा लक्ष्य रखा है।
जोखिम (Risks)
मुख्य जोखिमों में NBFC में बदलाव का एग्जीक्यूशन (execution), जिसमें क्रेडिट रिस्क (credit risk) शामिल है और ऑपरेशंस को सफलतापूर्वक बढ़ाना शामिल है। कंपनी एक अत्यधिक रेगुलेटेड सेक्टर (regulated sector) में काम करती है, और बदलते अनुपालन (compliance) की आवश्यकताएं महत्वपूर्ण बनी हुई हैं। इसके अलावा, Fusion CX Private Limited द्वारा NCLT, चंडीगढ़ में एक इनसॉल्वेंसी पिटीशन (insolvency petition) दायर की गई है, जो इनवॉइस पेमेंट (invoice payments) को लेकर एक विवाद से संबंधित है, जिस पर कंपनी जवाब दाखिल कर रही है।
प्रतिस्पर्धी तुलना (Peer comparison)
Mobikwik, Paytm, PhonePe और BharatPe जैसे प्लेयर्स के साथ गलाकाट प्रतिस्पर्धा में है, जो सभी अपनी फाइनेंशियल सर्विस और पेमेंट सॉल्यूशंस का विस्तार कर रहे हैं। हालांकि विस्तृत वित्तीय तुलना के लिए विशेष खुलासे की आवश्यकता होगी, Mobikwik का NBFC लाइसेंस के माध्यम से अपनी बुक पर लोन देने पर फोकस, डिजिटल लेंडिंग सेगमेंट में उसकी रणनीति को कुछ साथियों की तुलना में अलग करता है जो मुख्य रूप से प्लेटफॉर्म के रूप में काम करते हैं।
ध्यान देने योग्य प्रमुख बातें (Context metrics)
- FY26 पेमेंट GMV: ₹1,821 बिलियन (57% YoY ग्रोथ)
- FY26 पेमेंट ग्रॉस प्रॉफिट: 90% YoY बढ़ोतरी
- FY26 AI सेल्फ-सर्विस रेट (कस्टमर सपोर्ट): 86%
- FY26 AI कोड जनरेशन रेट: 80%
आगे क्या देखें?
निवेशक NBFC सब्सिडियरी के सफल संचालन और प्रदर्शन, मर्चेंट पेमेंट सेगमेंट की ग्रोथ, और रेगुलेटरी बाधाओं व चल रहे कानूनी मामले से निपटने में कंपनी की क्षमता पर बारीकी से नजर रखेंगे। FY28 तक 10 गुना रेवेन्यू ग्रोथ के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की ओर प्रगति भी एक प्रमुख फोकस रहेगी।
