One Mobikwik Systems के लिए अच्छी खबर! कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) में अपने EBITDA घाटे को काफी कम कर लिया है। FY25 के ₹-79 करोड़ के मुकाबले अब यह घाटा घटकर ₹-5 करोड़ रह गया है। साथ ही, कंपनी ने अपने लेंडिंग बिज़नेस को एक सब्सिडियरी में ट्रांसफर करने और NBFC लाइसेंस हासिल करने की मंजूरी भी दे दी है।
क्या हुआ है?
One Mobikwik Systems Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए अपने वित्तीय प्रदर्शन में ज़बरदस्त सुधार दर्ज किया है। कंपनी की EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) ₹-5 करोड़ रही, जो कि FY25 में दर्ज ₹-79 करोड़ के घाटे से एक बड़ा सुधार है। यह कंपनी के मुनाफे की ओर बढ़ने के एक महत्वपूर्ण कदम का संकेत देता है।
इसके अलावा, कंपनी ने FY26 के दूसरे हाफ में पॉजिटिव EBITDA हासिल किया है, जिसमें Q3 FY26 में ₹15 करोड़ और Q4 FY26 में ₹17 करोड़ दर्ज किए गए। मैनेजमेंट ने बताया कि यह सुधार दिसंबर 2024 में लिस्टिंग के बाद हुए घाटे से उबरने के बाद आया है।
2 जुलाई 2026 को हुए रिमोट ई-वोटिंग के ज़रिए शेयरधारकों ने कुछ अहम प्रस्तावों को मंज़ूरी दी। इनमें सबसे खास है लेंडिंग बिज़नेस को अपनी पूरी तरह से मालिकाना हक़ वाली सब्सिडियरी, MobiKwik Distribution Services Private Limited, को स्लम्प सेल के आधार पर ट्रांसफर करना। इसके साथ ही, IPO प्रोसीड्स के इस्तेमाल में बदलाव और उनकी समय-सीमा बढ़ाने के प्रस्तावों को भी मंज़ूरी मिल गई है।
कंपनी ने नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) लाइसेंस के लिए भी आवेदन किया है।
यह क्यों मायने रखता है?
यह वित्तीय मोड़ बताता है कि Mobikwik के मौजूदा बिजनेस मॉडल से अब टिकाऊ नतीजे मिलने लगे हैं। लेंडिंग बिज़नेस को एक अलग सब्सिडियरी में ट्रांसफर करने का रणनीतिक फैसला ऑपरेशंस को सुव्यवस्थित करने और फोकस बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। NBFC लाइसेंस मिलने से कंपनी की लेंडिंग क्षमता और रेगुलेटरी स्थिति और मज़बूत हो सकती है।
क्या बदलता है अब?
कंपनी अब एक ज़्यादा स्ट्रक्चर्ड कॉर्पोरेट फ्रेमवर्क की ओर बढ़ रही है, जिसमें लेंडिंग बिज़नेस एक सब्सिडियरी के तहत काम करेगा। NBFC लाइसेंस की तलाश, फाइनेंसियल सर्विसेज में अपनी पेशकशों को गहरा करने के इरादे को दर्शाती है।
आगे क्या ट्रैक करना है?
निवेशक NBFC लाइसेंस आवेदन की प्रगति और नई सब्सिडियरी के तहत लेंडिंग बिज़नेस के ऑपरेशनल प्रदर्शन पर करीब से नज़र रखेंगे। लगातार पॉजिटिव तिमाही EBITDA नतीजों को सफलता के मुख्य संकेतक के तौर पर देखा जाएगा।
