National Payments Corporation of India (NPCI) ने त्योहारी सीजन के दौरान व्यापारियों को राहत देते हुए UPI ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने के फैसले को फिलहाल टाल दिया है।
नियम में बदलाव का क्या मतलब है?
One 97 Communications Ltd ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया है कि NPCI ने अपने 15 सितंबर, 2026 के सर्कुलर के बाद अब 13 अक्टूबर, 2026 को नया निर्देश जारी किया है। इसके तहत, त्योहारी सीजन (दिवाली) के दौरान व्यापारियों पर किसी भी तरह का अतिरिक्त बोझ न पड़े, इसके लिए MDR लागू करने की प्रक्रिया को फिलहाल के लिए पोस्टपोन कर दिया गया है।
कंपनियों के लिए क्या है स्थिति?
डिजिटल पेमेंट सेक्टर के लिए MDR का मुद्दा काफी अहम है क्योंकि यह उनके रेवेन्यू मॉडल का एक मुख्य हिस्सा है। फिलहाल MDR के न होने से मर्चेंट्स को राहत तो है, लेकिन पेमेंट कंपनियों के लिए भविष्य की कमाई का ढांचा (Monetization Framework) अब भी अनिश्चित बना हुआ है।
अब आगे क्या?
फिलहाल स्थिति जस की तस बनी हुई है और जीरो-MDR स्ट्रक्चर जारी रहेगा। हालांकि, NPCI की ओर से अभी तक कोई नई तारीख नहीं दी गई है। बाजार के जानकारों का कहना है कि निवेशकों को अब NPCI के अगले सर्कुलर पर नजर रखनी होगी, क्योंकि MDR का भविष्य में आना कंपनी की ट्रांजैक्शन वॉल्यूम और फीस स्ट्रक्चर पर सीधा असर डाल सकता है।
