OnEMI Technology Solutions (Kissht) के FY26 के नतीजे
OnEMI Technology Solutions Limited (Kissht) ने वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) और चौथी तिमाही (Q4 FY26) के ऑडिटेड नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने पूरे वित्तीय वर्ष में 75% की जबरदस्त बढ़ोतरी के साथ ₹281 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया है। वहीं, चौथी तिमाही में PAT ₹82 करोड़ रहा।
क्यों है यह बड़ी खबर?
ये नतीजे कंपनी की मजबूत ग्रोथ और मैनेजमेंट की काबिलियत को दर्शाते हैं। IPO लिस्टिंग के बाद यह एक बेहतरीन परफॉर्मेंस है। शुद्ध लाभ में जहां भारी बढ़ोतरी हुई है, वहीं कंपनी ने अपनी एसेट क्वालिटी को भी कंट्रोल में रखा है। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) 2.12% रहा, जो पिछले तिमाही से 78 bps सुधरा है। नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NNPA) भी 0.29% पर आ गया है। IPO से जुटाई गई रकम को कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी में लगाकर फ्यूचर ग्रोथ की तैयारी कर ली है।
कंपनी की कहानी
OnEMI Technology Solutions, जिसे Kissht के नाम से भी जाना जाता है, एक डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म है। कंपनी ने हाल ही में ₹850 करोड़ का IPO लॉन्च किया था, जिसकी लिस्टिंग 8 मई 2026 को हुई। इस IPO से मिले पैसों का एक बड़ा हिस्सा कंपनी ने अपनी NBFC सब्सिडियरी, Si Creva Capital Services Private Limited, में डाला है ताकि लेंडिंग एक्टिविटीज को बढ़ाया जा सके।
आगे क्या?
अब जबकि IPO से मिले फंड सब्सिडियरी में डाल दिए गए हैं, कंपनी का पूरा फोकस अपनी ग्रोथ स्ट्रेटेजी को लागू करने पर है। मैनेजमेंट ने FY27 के लिए 40% से ज्यादा AUM ग्रोथ का लक्ष्य रखा है। साथ ही, GNPA को 2.25% से नीचे और क्रेडिट कॉस्ट को कम करने की योजना है।
जोखिम के संकेत
नतीजे भले ही शानदार हों, लेकिन निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या कंपनी अपने आक्रामक AUM ग्रोथ टारगेट को एसेट क्वालिटी को कंट्रोल में रखते हुए पूरा कर पाती है या नहीं। फिनटेक लेंडिंग मार्केट में कड़ी प्रतिस्पर्धा भी एक बड़ी चुनौती बनी रहेगी।
जरूरी आंकड़े:
- AUM: ₹7,066 करोड़ (मार्च 2026 तक), पिछले साल से 73% ज्यादा।
- PAT (FY26): ₹281 करोड़, पिछले साल से 75% ज्यादा।
- PAT (Q4 FY26): ₹82 करोड़।
- GNPA (Stage 3): 2.12%, तिमाही-दर-तिमाही 78 bps का सुधार।
- NNPA: 0.29%, तिमाही-दर-तिमाही 9 bps का सुधार।
- Net Worth: ₹1,343 करोड़ (मार्च 2026 तक)।
- Diluted EPS (FY26): ₹21.4।
- IPO से जुटाई रकम: ₹850 करोड़, जिसमें से ₹637 करोड़ NBFC सब्सिडियरी में डाले गए।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को कंपनी के FY27 के लक्ष्यों के मुकाबले परफॉर्मेंस पर नजर रखनी चाहिए। खास तौर पर AUM ग्रोथ, GNPA लेवल और क्रेडिट कॉस्ट में कमी पर ध्यान देना होगा। IPO कैपिटल का सही इस्तेमाल और प्रॉफिटेबिलिटी में लगातार सुधार कंपनी के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
