Oasis Securities लिमिटेड ₹10 प्रति शेयर के भाव पर ₹27.75 करोड़ जुटा रही है। इस फंड का इस्तेमाल कंपनी अपनी NBFC गतिविधियों को बढ़ाने और सुरक्षित कर्ज (secured lending) की ओर बढ़ने के लिए करेगी।
Oasis Securities का नया प्लान: ₹27.75 करोड़ जुटाकर NBFC गतिविधियों को मिलेगी रफ्तार
Oasis Securities लिमिटेड ने अपने निवेशकों के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। कंपनी ₹10 प्रति इक्विटी शेयर के भाव पर ₹27.75 करोड़ का राइट्स इश्यू (Rights Issue) ला रही है। इस इश्यू में फेस वैल्यू ₹1 और प्रीमियम ₹9 शामिल है। कंपनी अपने मौजूदा शेयरधारकों को 3:2 के अनुपात में नए शेयर सब्सक्राइब करने का मौका देगी, यानी हर 2 मौजूदा शेयरों पर 3 नए शेयर खरीदे जा सकते हैं। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 18 जून 2026 तय की गई है।
क्यों ला रही है राइट्स इश्यू?
इस पूंजी को जुटाने का मुख्य उद्देश्य Oasis Securities अपने नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के कारोबार को और मजबूत करना है। कंपनी ₹25 करोड़ का इस्तेमाल अपनी NBFC गतिविधियों के लिए करेगी, जबकि ₹2.25 करोड़ का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। कंपनी का फोकस अब सुरक्षित कर्ज (secured lending) की ओर बढ़ रहा है, खासकर सिक्योर्ड कंज्यूमर लोन और एसेट-बैक्ड फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स पर। कंपनी का मानना है कि यह रणनीति क्रेडिट जोखिम को कम करेगी।
इस राइट्स इश्यू के बाद कंपनी की वित्तीय स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। 31 मार्च 2026 तक कंपनी का कैपिटल टू रिस्क वेटेड एसेट्स रेशियो (CRAR) 122% था, जो इश्यू के बाद बढ़कर अनुमानित 243.84% हो जाने की उम्मीद है। यह बढ़ी हुई पूंजी पर्याप्तता कंपनी को भविष्य में विस्तार करने और कर्ज के दम पर ग्रोथ करने में मदद करेगी।
कंपनी की पिछली परफॉरमेंस
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए, Oasis Securities ने ₹0.19 करोड़ का कुल रेवेन्यू और ₹0.58 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया था। इससे पिछले वित्तीय वर्ष में कंपनी ने ₹0.13 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹0.33 करोड़ का लॉस उठाया था। पिछले 3 सालों में कंपनी ने कोई डिविडेंड भी घोषित नहीं किया है, जो दर्शाता है कि कंपनी अपना मुनाफा बिजनेस में वापस लगा रही है।
आगे क्या?
राइट्स इश्यू से Oasis Securities का बैलेंस शीट मजबूत होगा और कंपनी अपनी नई रणनीतिक दिशा को लागू करने के लिए आवश्यक पूंजी प्राप्त करेगी। सुरक्षित कर्ज की ओर बढ़ने से असुरक्षित ऋणों से जुड़े जोखिमों को कम करने में मदद मिलेगी। बढ़ा हुआ CRAR कंपनी को अधिक बिजनेस करने में सक्षम बनाएगा।
जोखिम:
पूंजी जुटाना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन पिछले दो वित्तीय वर्षों में कंपनी का लगातार घाटे में रहना चिंता का विषय बना हुआ है। निवेशकों को कंपनी की लाभप्रदता हासिल करने की क्षमता पर नजर रखनी चाहिए। इसके अलावा, एक NBFC के तौर पर, कंपनी को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। बाहरी उधारी पर उच्च निर्भरता भी स्थिर और कम लागत वाले फंडिंग स्रोतों की आवश्यकता को उजागर करती है।
