Novartis India में क्या हुआ?
Novartis India Limited ने अपने शेयरधारकों के लिए एक बड़े ओपन ऑफर (Open Offer) का ऐलान किया है। इसके तहत कंपनी की 26% वोटिंग शेयर कैपिटल यानी 64,19,608 इक्विटी शेयर्स पर बोली लगाई जाएगी। ऑफर प्राइस ₹860.64 प्रति शेयर तय किया गया है। यह ऑफर 11 जून 2026 से शुरू होकर 24 जून 2026 तक चलेगा।
क्यों है यह अहम?
यह कदम मौजूदा शेयरधारकों को एक निश्चित भाव पर बाहर निकलने का मौका दे रहा है। यह ओपन ऑफर इसलिए लाया जा रहा है क्योंकि WaveRise Investments Limited, ChrysCapital Fund X और Two Infinity Partners ने मिलकर Novartis AG से कंपनी की 70.68% हिस्सेदारी खरीदी है। SEBI के नियमों के मुताबिक, नई खरीदार कंपनियों को यह मैंडेटरी ओपन ऑफर पब्लिक शेयरहोल्डर्स के लिए लाना पड़ा। अगर यह ऑफर पूरी तरह से स्वीकार किया जाता है, तो इसकी कुल वैल्यू लगभग ₹552.50 करोड़ होगी।
पूरी कहानी
Novartis AG ने अपनी भारतीय सब्सिडियरी Novartis India Limited में अपनी मेजॉरिटी स्टेक WaveRise Investments और ChrysCapital को बेच दी। इसी डील के चलते नई खरीदने वाली कंपनियों को Novartis India के पब्लिक शेयरहोल्डर्स के लिए मैंडेटरी ओपन ऑफर पेश करना पड़ा।
आगे क्या बदलेगा?
इस ऑफर के बाद, Novartis India के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में बदलाव की संभावना है। खरीदार कंपनियों के नॉमिनी बोर्ड में शामिल हो सकते हैं। साथ ही, कंपनी के नाम को बदलने की भी योजना है। हालांकि, खरीदारों का कहना है कि वे कंपनी को डीलिस्ट (Delist) करने की कोई योजना नहीं रखते हैं।
जोखिमों पर एक नज़र
निवेशकों को कुछ बड़े कंटीजेंट लायबिलिटीज़ (Contingent Liabilities) के बारे में भी जानना ज़रूरी है। इनमें ₹305.45 करोड़ के टैक्स डिमांड (जिस पर अपील चल रही है), ड्रग प्राइस कंट्रोल ऑर्डर 2013 के तहत ₹41.62 करोड़ के बकाया मामले और अन्य टैक्स से जुड़े ₹29.52 करोड़ के दावे शामिल हैं।
कंपनी की मौजूदा स्थिति
फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में Novartis India ने ₹354.33 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था। इसी अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹93.18 करोड़ रहा। वहीं, टोटल इक्विटी ₹817.83 करोड़ थी।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को ओपन ऑफर पीरियड के दौरान शेयरों की टेंडरिंग पर नज़र रखनी चाहिए। साथ ही, किसी भी रेगुलेटरी अपडेट पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा। कंपनी की भविष्य की वित्तीय सेहत को समझने के लिए कंटीजेंट लायबिलिटीज़ के समाधान पर नज़र रखना भी ज़रूरी होगा।
