Northern Arc Capital ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली छमाही (H1) के शानदार नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन प्रॉफिट सालाना आधार पर **29%** बढ़कर **₹255.78 करोड़** पर पहुंच गया है, जिसके साथ ही बोर्ड ने आशीष मेहरोत्रा को अगले **5** साल के लिए फिर से MD और CEO नियुक्त किया है।
मुनाफे की रफ्तार और बिजनेस का विस्तार
Northern Arc Capital ने अपनी मजबूत परफॉर्मेंस जारी रखी है। कंपनी का स्टैंडअलोन प्रॉफिट जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹198.36 करोड़ था, वह अब बढ़कर ₹255.78 करोड़ हो गया है। कंपनी की कुल आय भी तेजी से बढ़ते हुए ₹1,632.58 करोड़ तक पहुंच गई है, जो इसके विस्तार को दर्शाता है। कंसोलिडेटेड आधार पर कंपनी ने ₹243.59 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया है।
रिस्क मैनेजमेंट पर फोकस
कंपनी ने एसेट क्वालिटी को लेकर सतर्कता बरतते हुए अपने Expected Credit Loss (ECL) प्रोविजन्स को बढ़ाकर ₹73.63 करोड़ कर दिया है। मैनेजमेंट का कहना है कि रिटेल और MSME लेंडिंग सेगमेंट में मैक्रोइकॉनॉमिक अनिश्चितता और जियोपॉलिटिकल रिस्क को देखते हुए यह कदम उठाया गया है ताकि भविष्य में किसी भी अस्थिरता से निपटा जा सके।
लीडरशिप में निरंतरता
बोर्ड ने आशीष मेहरोत्रा को फिर से अपना MD और CEO बनाने का फैसला किया है। उनका नया कार्यकाल 1 अप्रैल, 2027 से शुरू होकर 5 साल तक रहेगा। हालांकि, इस पर अंतिम मुहर के लिए शेयरहोल्डर्स की मंजूरी जरूरी है।
निवेशकों के लिए अहम संकेत
कंपनी ने ₹75 करोड़ के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCD) के पूरी तरह इस्तेमाल की जानकारी दी है। निवेशकों को सलाह है कि वे आगामी तिमाही नतीजों में कंपनी के लोन बुक और प्रोविजन्स पर अपनी नजर बनाए रखें, क्योंकि अनसिक्योर्ड रिटेल लेंडिंग में आर्थिक बदलावों का सीधा असर मुनाफे पर पड़ सकता है।
