Nomura India Investment Fund और उससे जुड़ी इकाइयों ने Lemon Tree Hotels में अपनी हिस्सेदारी कम की है। इन्होंने **1.58 करोड़** से ज्यादा शेयर बाजार में बेच दिए हैं, जिससे अब उनकी कुल हिस्सेदारी घटकर **3.07%** रह गई है।
क्या हुआ बदलाव?
Nomura India Investment Fund Mother Fund, The Nomura Trust and Banking Co., Ltd. और Employees Provident Fund Board ने मिलकर Lemon Tree Hotels में अपनी होल्डिंग कम की है। कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, कुल 1,58,69,284 शेयर बेचे गए हैं, जो कंपनी के शेयरहोल्डिंग पैटर्न में बड़ा बदलाव है।
आंकड़ों की जुबानी (Transaction Details)
यह बिकवाली अप्रैल 2024 से सितंबर 2026 के बीच अलग-अलग चरणों में हुई है। पहले इन संस्थाओं के पास कंपनी के 4,02,33,907 शेयर थे, जो कुल पेड-अप कैपिटल का 5.078% था। अब यह घटकर 2,43,64,623 शेयर यानी 3.075% पर आ गया है। इस प्रक्रिया का आखिरी हिस्सा 7 सितंबर, 2026 को 2.50 लाख शेयर बेचकर पूरा किया गया।
निवेशकों के लिए क्या मायने हैं?
SEBI (SAST) रेगुलेशंस के तहत यह खुलासा पारदर्शिता के लिए बेहद जरूरी है। रिटेल निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि बड़े विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) अपनी पोर्टफोलियो रीबैलेंसिंग के चलते समय-समय पर बिकवाली करते रहते हैं। हालांकि, हिस्सेदारी का 5% से नीचे आना एक अहम घटना है।
आगे क्या रखें ध्यान?
लगातार या बड़ी मात्रा में संस्थागत निवेशकों की बिकवाली से स्टॉक में शॉर्ट-टर्म लिक्विडिटी का दबाव बन सकता है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या अन्य संस्थागत निवेशक इस बिकवाली की भरपाई के लिए अपनी पोजीशन बढ़ाते हैं या फिर और अधिक बिकवाली के संकेत मिलते हैं। अगली शेयरहोल्डिंग फाइलिंग में इस पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर साफ हो जाएगी।
