Niyogin Fintech ने फाइनेंशियल ईयर 26 के लिए **₹5.1 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के घाटे से एक बड़ा बदलाव है। CRISIL रेटिंग्स ने कंपनी के आउटलुक को 'Negative' से बदलकर 'Stable' कर दिया है।
Niyogin Fintech की शानदार वापसी, मुनाफा दर्ज
Niyogin Fintech लिमिटेड ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए ₹5.1 करोड़ का नेट प्रॉफिट (Net Profit) कमाया है। यह एक बड़ी कामयाबी है, क्योंकि कंपनी ने पिछले फाइनेंशियल ईयर 2025 में ₹9.8 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) और फाइनेंशियल ईयर 2024 में ₹7.6 करोड़ का लॉस झेला था।
आमदनी बढ़ी, खर्च घटा
कंपनी की कुल आमदनी (Total Income) फाइनेंशियल ईयर 2026 में बढ़कर ₹118 करोड़ हो गई, जो पिछले साल ₹78 करोड़ थी। वहीं, ऑपरेटिंग खर्च (Operating Expenses) एवरेज मैनेज्ड एसेट्स के मुकाबले 14.9% से घटकर 16.5% रह गया।
CRISIL का भरोसा बढ़ा
रेटिंग एजेंसी CRISIL ने Niyogin Fintech की लॉन्ग-टर्म रेटिंग को 'CRISIL BBB-' और शॉर्ट-टर्म रेटिंग को 'CRISIL A3' पर बरकरार रखा है। सबसे अहम बात यह है कि एजेंसी ने लॉन्ग-टर्म रेटिंग के आउटलुक को 'Negative' से बदलकर 'Stable' कर दिया है।
इसके साथ ही, ₹50 करोड़ के नए नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) इश्यूएंस को 'CRISIL BBB-/Stable' रेटिंग दी गई है।
क्यों है यह खबर अहम?
मुनाफे में वापसी और CRISIL द्वारा आउटलुक को 'Stable' करना कंपनी के बेहतर फाइनेंशियल हेल्थ और कम होते रिस्क का संकेत है। इससे भविष्य में कंपनी के लिए फंड जुटाना आसान और सस्ता हो सकता है।
क्या है बैकस्टोरी?
Niyogin Fintech पिछले कुछ समय से अपने फाइनेंशियल परफॉरमेंस को सुधारने की कोशिश कर रही थी। फाइनेंशियल ईयर 2024 और 2025 में कंपनी को घाटा हुआ था। कंपनी एक पुरानी पोर्टफोलियो को मैनेज कर रही है, जिसे राइट-ऑफ (write-off) किया जा रहा है।
अब क्या बदलेगा?
CRISIL का 'Stable' आउटलुक बताता है कि रेटिंग एजेंसी को उम्मीद है कि कंपनी का फाइनेंशियल रिस्क प्रोफाइल नियर से मीडियम टर्म में स्थिर रहेगा। रेटिंग की पुष्टि से मौजूदा और संभावित क्रेडिटर्स को कंपनी पर भरोसा बढ़ेगा।
जोखिम पर एक नजर
एसेट क्वालिटी (Asset Quality) अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है। 31 मार्च 2026 तक ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) 7.9% पर थे। हालांकि यह पिछले साल के 8.4% से थोड़ा बेहतर है, लेकिन GNPA का बढ़ा हुआ स्तर क्रेडिट कॉस्ट को प्रभावित कर सकता है।
कंपनी का ऑपरेशनल स्केल (Operational Scale) अभी छोटा है, जिससे अर्निंग्स में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशक कंपनी की एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार (GNPA में कमी) और मुनाफे को बनाए रखते हुए ऑपरेशंस को बढ़ाने की क्षमता पर नजर रखेंगे।
