Niyogin Fintech Ltd को अपने कंपोजिट स्कीम ऑफ अरेंजमेंट के लिए NCLT से बड़ी मंजूरी मिल गई है। कंपनी अब अपने NBFC बिजनेस को अलग करके 'Niyogin Finserv' बनाएगी और साथ ही iServeU Technology के साथ विलय की प्रक्रिया शुरू करेगी।
रीस्ट्रक्चरिंग का मास्टर प्लान
Niyogin Fintech ने अपनी कॉर्पोरेट संरचना को सरल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। NCLT चेन्नई बेंच ने कंपनी की इस योजना को अपनी पहली मंजूरी दे दी है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य NBFC बिजनेस और टेक्नोलॉजी वर्टिकल को अलग-अलग करके उनकी वैल्यू को अनलॉक करना है।
निवेशकों को क्या मिलेगा?
इस स्कीम के तहत शेयरहोल्डर्स को तगड़ा फायदा होने की उम्मीद है। डीमर्जर के बाद निवेशकों को Niyogin Fintech के हर एक शेयर के बदले 'Niyogin Finserv' का एक शेयर मिलेगा। इसके अलावा, iServeU Technology के 5,61,07,380 नए इक्विटी शेयर्स भी मौजूदा शेयरहोल्डर्स को जारी किए जाएंगे।
आगे की राह (Timeline)
कंपनी ने 30 अक्टूबर, 2026 को शेयरहोल्डर्स और क्रेडिटर्स की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस मीटिंग में योजना पर मुहर लगना बहुत जरूरी है। एक बार यहां से अप्रूवल मिलने के बाद, कंपनी NCLT से अंतिम मंजूरी लेगी, जिसके बाद यह रीस्ट्रक्चरिंग कानूनी रूप से प्रभावी हो जाएगी।
क्यों है यह जरूरी?
कंपनी का मानना है कि NBFC और टेक्नोलॉजी दोनों ही बिजनेस के ग्रोथ पाथ अलग हैं। उन्हें अलग करने से मैनेजमेंट पर बेहतर फोकस रहेगा और कंपनी की कैपिटल एफिशिएंसी में भी सुधार आएगा, जिससे रिटेल और इंस्टीट्यूशनल निवेशकों को स्पष्ट निवेश का मौका मिलेगा।
