Niyogin Fintech ने FY26 में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर पार करते हुए अपना पहला फुल-ईयर कंसोलिडेटेड प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी का नेट रेवेन्यू **57%** उछलकर **₹106 करोड़** पर पहुंच गया है, जिसके बाद अब मैनेजमेंट ने डीमर्जर (demerger) और भविष्य की ग्रोथ योजनाओं का खाका तैयार किया है।
फाइनेंशियल टर्नअराउंड की कहानी
Niyogin Fintech ने इस बार घाटे से निकलकर मुनाफे का सफर तय किया है। कंपनी ने FY26 में ₹3.4 करोड़ का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) दर्ज किया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को ₹22.3 करोड़ का बड़ा नुकसान हुआ था। 57% की शानदार रेवेन्यू ग्रोथ ने कंपनी की बैलेंस शीट को नई मजबूती दी है।
दो हिस्सों में बंटेगा बिजनेस
कंपनी अपनी पेमेंट्स इंफ्रास्ट्रक्चर यूनिट iServeU और एनबीएफसी (NBFC) कारोबार को दो अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में बदलने की प्रक्रिया में है। इस स्कीम के लिए SEBI, BSE और RBI से मंजूरी मिलने के बाद, अब कंपनी ने चेन्नई स्थित NCLT में अंतिम मंजूरी के लिए आवेदन कर दिया है।
FY27 के लिए मैनेजमेंट का रोडमैप
कंपनी ने अपने दोनों वर्टिकल के लिए आक्रामक टारगेट तय किए हैं:
- iServeU: रेवेन्यू का लक्ष्य ₹125-135 करोड़ रखा गया है।
- NBFC आर्म: एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) को ₹520-550 करोड़ तक ले जाने और ₹11-12 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाने का लक्ष्य है।
इसके अलावा, कंपनी अपने ऑपरेशंस को स्ट्रीमलाइन करने के लिए Investdirect Capital Services में अपनी 58% हिस्सेदारी को ₹11.75 करोड़ में बेच रही है।
निवेशकों के लिए जोखिम
हालांकि कंपनी का परफॉर्मेंस सुधरा है, लेकिन निवेशकों को NCLT से मंजूरी मिलने की टाइमलाइन पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। किसी भी तरह की देरी कंपनी के कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग प्लान को प्रभावित कर सकती है।
