Niyogin Fintech ने NCLT के निर्देश पर इक्विटी शेयरधारकों की एक अहम बैठक बुलाई। यह बैठक कंपनी के 'कॉम्पोजिट स्कीम ऑफ अरेंजमेंट' को लेकर आयोजित की गई थी, जिसमें Niyogin Finserv और iServeU Technology का विलय शामिल है।
रीस्ट्रक्चरिंग का पूरा मामला
Niyogin Fintech ने 30 अक्टूबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए NCLT (चेन्नई बेंच) द्वारा निर्देशित बैठक बुलाई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य Niyogin Fintech, Niyogin Finserv Limited और iServeU Technology Private Limited के बीच प्रस्तावित 'कॉम्पोजिट स्कीम ऑफ अरेंजमेंट एंड अमलगमेशन' पर वोटिंग करना था। यह प्रक्रिया कंपनी एक्ट, 2013 के तहत एक जरूरी रेगुलेटरी कदम है।
क्यों अहम है यह कदम?
यह रीस्ट्रक्चरिंग कंपनी के ऑपरेशंस को स्ट्रीमलाइन करने और बिजनेस स्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए की जा रही है। इस स्कीम को पास होने के लिए उपस्थित और वोट करने वाले शेयरधारकों की कुल वैल्यू का तीन-चौथाई (75%) समर्थन जरूरी है।
अब आगे क्या होगा?
कंपनी ने एडवोकेट उदित जैन को 'स्क्रूटिनाइज़र' (Scrutinizer) नियुक्त किया है, जो पूरी वोटिंग प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। वोटिंग के परिणाम और रिपोर्ट जल्द ही BSE और कंपनी की वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे। निवेशकों को अब आधिकारिक फाइलिंग का इंतजार है, जिससे यह साफ हो पाएगा कि यह स्कीम कानूनी मंजूरी के अगले चरण में पहुंच पाई है या नहीं।
