Nisus Finance के शेयरधारकों की बल्ले-बल्ले! NCCCL अधिग्रहण के बाद ₹575 Cr रेवेन्यू और ₹83 Cr मुनाफे का ऐलान

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AuthorMehul Desai|Published at:
Nisus Finance के शेयरधारकों की बल्ले-बल्ले! NCCCL अधिग्रहण के बाद ₹575 Cr रेवेन्यू और ₹83 Cr मुनाफे का ऐलान

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Nisus Finance Services ने वित्त वर्ष 2026 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। NCCCL के अधिग्रहण के बाद कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹575 करोड़ और मुनाफा (PAT) ₹83 करोड़ रहा।

Nisus Finance ने NCCCL अधिग्रहण के बाद FY26 में दमदार प्रदर्शन किया

Nisus Finance Services Co Ltd ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने फाइनेंशियल नतीजे जारी कर दिए हैं। NCCCL के अधिग्रहण के बाद कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹575 करोड़ रहा, जबकि मुनाफा (Profit After Tax - PAT) ₹83 करोड़ दर्ज किया गया। कंपनी के मुख्य कारोबार (core business) ने ₹141 करोड़ का रेवेन्यू और ₹68 करोड़ का PAT कमाया, वहीं हाल ही में जोड़ी गई कंस्ट्रक्शन (construction) यूनिट का भी इसमें बड़ा योगदान रहा।

ये क्यों मायने रखता है?

NCCCL के 54% स्टेक का अधिग्रहण (acquisition) करने के बाद Nisus Finance अब एक इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म के रूप में उभर रहा है। इस नए स्वरूप से कंपनी को भविष्य में अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है। मैनेजमेंट का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 तक कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹4,500-₹6,000 करोड़ के बीच रहेगा और मुनाफा ₹65-₹100 करोड़ तक पहुँच सकता है। कंपनी 'Ni-YAM' और 'SM REITs' जैसे नए प्रोडक्ट्स भी लॉन्च करने की तैयारी में है, जिनसे AUM में ₹4,000 करोड़ से ज़्यादा का इजाफा होने की उम्मीद है।

ये सब कैसे हुआ?

पहले सिर्फ एसेट मैनेजर (asset manager) के तौर पर काम करने वाली Nisus Finance ने NCCCL को खरीदकर अपने कारोबार का दायरा बढ़ाया। इस कदम का मकसद फाइनेंशियल सर्विसेज की विशेषज्ञता और NCCCL की कंस्ट्रक्शन क्षमता के बीच तालमेल बिठाना था, जिससे ग्रुप एक व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेयर बन सके। कंपनी का मुख्य कारोबार भी साल-दर-साल मजबूत ग्रोथ दिखा रहा है।

अब आगे क्या?

Nisus Finance अब दोहरे बिजनेस मॉडल (dual business model) पर काम कर रही है। अब कंपनी का फोकस कंस्ट्रक्शन बिजनेस के ऑर्डर बुक को इंटीग्रेट करने, नए इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स लॉन्च करने और ऑपरेशनल तालमेल (synergies) का फायदा उठाने पर रहेगा। मैनेजमेंट बाहरी जोखिमों पर भी बारीक नजर रखे हुए है।

जोखिमों पर नज़र

अधिग्रहण के बाद कंपनी की कंसोलिडेटेड बैलेंस शीट में कर्ज (debt) बढ़ा है। इसके अलावा, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव (geopolitical tensions) दुबई/UAE पोर्टफोलियो और फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPIs) के फ्लो को प्रभावित कर सकते हैं।

ध्यान देने योग्य मुख्य आंकड़े

  • FY26 कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: ₹575 करोड़
  • FY26 कंसोलिडेटेड PAT: ₹83 करोड़
  • FY26 मुख्य कारोबार रेवेन्यू: ₹141 करोड़
  • FY26 मुख्य कारोबार PAT: ₹68 करोड़
  • कुल AUM: ₹2,631 करोड़
  • NCCCL स्टैंडअलोन रेवेन्यू FY26: ₹665 करोड़
  • NCCCL वर्क इन हैंड: ₹1,833 करोड़
  • NCCCL PAT में सुधार (पहला साल): लगभग 4.7 गुना

आगे क्या देखें?

निवेशक कंस्ट्रक्शन आर्म की ऑर्डर बुक का सफल इंटीग्रेशन, नए प्रोडक्ट्स जैसे 'Ni-YAM' और 'SM REITs' के लॉन्च की टाइमलाइन और सफलता, और FY27 के अनुमानित ग्रोथ के मुकाबले कंपनी की कर्ज प्रबंधन (debt management) क्षमता पर बारीकी से नज़र रखेंगे।

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Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.