Nisus Finance ने FY26 में मचाया धमाल, मुनाफा 118% चढ़ा!
Nisus Finance Services Co Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए अपने ऑडिटेड नतीजों की घोषणा की है, जिसमें कंपनी के कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 118% का शानदार इजाफा हुआ है। यह पिछले साल के ₹32.22 करोड़ से बढ़कर ₹70.35 करोड़ हो गया है।
निवेशकों के लिए खास: कंपनी के रेवेन्यू में जोरदार ग्रोथ दिखी है, जिसका श्रेय एक अहम अधिग्रहण को जाता है। हालांकि, निवेशकों को बढ़ते फाइनेंस कॉस्ट पर भी नजर रखनी होगी।
क्या हुआ?
Nisus Finance Services Co Ltd ने FY26 के लिए अपने नतीजों का ऐलान किया है। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Consolidated Revenue from Operations) ₹561.01 करोड़ रहा, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹64.73 करोड़ की तुलना में एक बड़ी छलांग है। कंपनी का कंसोलिडेटेड PAT ₹70.35 करोड़ रहा, जबकि FY25 में यह ₹32.22 करोड़ था। बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी ₹16.31 से बढ़कर ₹29.46 हो गया है।
यह क्यों मायने रखता है?
यह मजबूत फाइनेंशियल परफॉर्मेंस Nisus Finance के लिए एक परिवर्तनकारी साल साबित हुई है। रेवेन्यू और प्रॉफिट में यह बड़ी बढ़ोतरी काफी हद तक कंपनी के सिविल कंस्ट्रक्शन बिजनेस के सफल इंटीग्रेशन का नतीजा है, खासकर New Consolidated Construction Company Limited (NCCCL) में कंट्रोलिंग स्टेक लेने के बाद। EPS में बढ़ोतरी सीधे शेयरधारकों को फायदा पहुंचाती है, क्योंकि हर शेयर पर कमाई बढ़ जाती है।
पर्दे के पीछे की कहानी
कंपनी के फाइनेंशियल आंकड़ों की सीधी साल-दर-साल तुलना, इस फाइनेंशियल ईयर के दौरान किए गए बड़े विस्तार और पुनर्गठन के कारण प्रभावित हुई है, जिसमें NCCCL का अधिग्रहण भी शामिल है। इस इनऑर्गेनिक ग्रोथ ने Nisus Finance के ऑपरेशंस के स्केल को मौलिक रूप से बदल दिया है।
आगे क्या?
Nisus Finance कई स्ट्रेटेजिक ग्रोथ पहलों पर काम कर रही है। इनमें एक स्मॉल एंड मीडियम रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (SM REIT) स्थापित करने की योजना, 'Nisus Employees Stock Option Plan 2025' को लागू करना और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार करना शामिल है। कंपनी को दुबई फाइनेंशियल सर्विसेज अथॉरिटी (Dubai Financial Services Authority) से अपनी DIFC एंटिटी के लिए मंजूरी भी मिल चुकी है। इसके अलावा, उसकी सब्सिडियरी NCCCL ने Lodha Developers से ₹112.5 करोड़ का ऑर्डर हासिल किया है।
जोखिम जिन पर नजर रखें
एक बड़ी चिंता फाइनेंस कॉस्ट में हुई उल्लेखनीय वृद्धि है, जो ₹1.06 करोड़ से बढ़कर ₹25.63 करोड़ हो गई। यह कंपनी के डेट-फंडेड विस्तार का वित्तीय प्रभाव दिखाता है। नए लेबर कोड (Labour Codes) के परिणामस्वरूप ₹3.98 करोड़ का एक असाधारण आइटम (Exceptional Item) भी दर्ज किया गया, जो ग्रेच्युटी देनदारी से संबंधित है।
मुख्य वित्तीय आंकड़े (FY26 बनाम FY25)
- कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: ₹561.01 करोड़ (FY26) बनाम ₹64.73 करोड़ (FY25)
- कंसोलिडेटेड PAT: ₹70.35 करोड़ (FY26) बनाम ₹32.22 करोड़ (FY25)
- NCCCL ऑर्डर: ₹112.5 करोड़
- फाइनेंस कॉस्ट: ₹25.63 करोड़ (FY26) बनाम ₹1.06 करोड़ (FY25)
क्या देखें
निवेशक SM REIT योजनाओं के एग्जीक्यूशन और अंतरराष्ट्रीय विस्तार के प्रयासों की प्रगति पर बारीकी से नजर रखेंगे। नए कंस्ट्रक्शन ऑर्डर हासिल करते हुए बढ़ी हुई फाइनेंस कॉस्ट को मैनेज करना भी महत्वपूर्ण होगा। कंपनी की क्रेडिट रेटिंग (BBB+ Stable) की स्थिरता भी एक अहम इंडिकेटर बनी रहेगी।
