Nippon Life India Asset Management ने Q2 FY27 के नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट **25%** बढ़कर **₹523 करोड़** हो गया है। हालांकि, Yes Bank AT-1 बॉन्ड मामले में SEBI को **₹96.76 करोड़** का भुगतान करने के कारण नेट प्रॉफिट पर असर पड़ा है।
मुनाफे के साथ रेगुलेटरी क्लैरिटी
कंपनी के प्रदर्शन की बात करें तो रेवेन्यू में 21% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो ₹796 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) का आंकड़ा ₹8.68 लाख करोड़ के स्तर को पार कर गया है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि कंपनी ने Yes Bank AT-1 बॉन्ड से जुड़े पुराने विवाद को ₹96.76 करोड़ के सेटलमेंट के जरिए हमेशा के लिए खत्म कर दिया है, जिससे मैनेजमेंट अब पूरी तरह से अपने कोर बिजनेस पर ध्यान दे सकेगा।
ऑपरेशन्स पर एक नजर
- मार्केट शेयर: कंपनी का म्यूचुअल फंड मार्केट शेयर 51 bps बढ़कर 9.02% हो गया है।
- SIP बुक: कंपनी की मंथली SIP बुक ₹3,700 करोड़ के मजबूत स्तर पर बनी हुई है।
- डिजिटल जोर: डिजिटल माध्यमों का दबदबा बरकरार है और H1 FY27 में 78% नए ट्रांजैक्शन डिजिटल तरीके से हुए हैं।
आगे का रास्ता और चुनौतियां
मैनेजमेंट ने फिलहाल नए फंड ऑफर (NFOs) को रोकने का फैसला किया है ताकि मौजूदा प्रोडक्ट्स के लॉन्ग-टर्म ट्रैक रिकॉर्ड को बेहतर बनाया जा सके। आने वाले 18 महीनों में टेक्नोलॉजी और मैनपावर पर खर्च 18-20% बढ़ने का अनुमान है। निवेशकों को बाजार की अस्थिरता और यील्ड (yield) पर बढ़ते दबाव पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि एसेट मिक्स में बदलाव का असर मुनाफे पर पड़ सकता है।
