Nicco Uco Alliance Credit का FY26 में घाटा बढ़ा, ऑडिटर की चिंताएं!
Nicco Uco Alliance Credit ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए ₹15.86 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट लॉस (Standalone Net Loss) दर्ज किया है। पिछले साल के ₹13.83 करोड़ के घाटे की तुलना में यह बढ़ोतरी चिंता का विषय है।
वित्तीय प्रदर्शन और ऑडिटर की जांच
कंपनी ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने ऑडिटेड वित्तीय परिणामों (Audited Financial Results) को मंजूरी दे दी है। सबसे बड़ी चिंता का विषय वैधानिक ऑडिटर BCAG & Associates का क्वालिफाइड ओपिनियन (Qualified Opinion) है। ऑडिटर ने कंपनी के संचालन जारी रखने की क्षमता (Ability to continue operations) पर गंभीर संदेह जताया है।
गंभीर वित्तीय और परिचालन चुनौतियां
क्वालिफाइड ओपिनियन और बढ़ता हुआ नेट लॉस, Nicco Uco Alliance Credit के लिए गंभीर वित्तीय और परिचालन कठिनाइयों का संकेत दे रहे हैं। कंपनी की नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के तौर पर स्थिति भी अनिश्चित है, क्योंकि RBI ने 2006 में इसका रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया था और अभी भी अपील लंबित है।
लंबे समय से चले आ रहे रेगुलेटरी मसले
Nicco Uco Alliance Credit पिछले कई सालों से रेगुलेटरी जांच के दायरे में है। RBI ने 31 मार्च, 2006 को इसका NBFC रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया था। फिलहाल कंपनी ट्रेडिंग और कंसल्टेंसी सेवाओं (Trading and Consultancy Services) में काम कर रही है और कई कानूनी मामलों में फंसी हुई है। इनमें डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल (DRT) में बैंकों द्वारा रिकवरी के केस और सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) द्वारा जांच शामिल हैं।
निवेशकों का नजरिया और भविष्य की निर्भरता
ऑडिटर का क्वालिफाइड ओपिनियन और 'गोइंग कंसर्न' पर संदेह, निवेशकों को कंपनी के प्रति और भी सतर्क कर सकता है। कंपनी का भविष्य RBI के फैसले के खिलाफ अपील के नतीजे और जारी कर्ज निपटान वार्ताओं (Debt Settlement Talks) पर निर्भर करेगा।
आगे के प्रमुख जोखिम
कंपनी के लिए बड़े जोखिमों में RBI द्वारा NBFC रजिस्ट्रेशन रद्द करने के खिलाफ अपील का नतीजा, SFIO और DRT के साथ कानूनी कार्यवाही का समाधान, और लगभग ₹687.02 करोड़ की भारी निगेटिव नेट वर्थ (Negative Net Worth) का प्रबंधन शामिल है।
ऑडिटर की गवर्नेंस पर टिप्पणियां
वैधानिक ऑडिटर के क्वालिफाइड ओपिनियन ने कई गंभीर मुद्दों पर प्रकाश डाला है:
- RBI द्वारा NBFC लाइसेंस का रद्द होना, जिसकी अपील अभी लंबित है।
- मैनेजमेंट का 2015 से कुछ बैंक ड्यूज पर ब्याज चार्ज न करने का फैसला, जिसने रिपोर्ट किए गए घाटे को ₹24.82 करोड़ बढ़ा दिया।
- बैंकों और वित्तीय संस्थानों के खातों, खासकर नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) के लिए बैलेंस कन्फर्मेशन (Balance Confirmations) का अभाव।
- एक स्पष्ट बयान, जो एक साल के भीतर कंपनी की देनदारियों (Liabilities) को पूरा करने में असमर्थता को दर्शाता है।
- अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर की सीमाएं, जैसे ऑडिट ट्रेल (Audit Trail) सुविधाओं की अनुपस्थिति।
मुख्य वित्तीय आंकड़े
- नेट लॉस FY2026 (स्टैंडअलोन): ₹15.86 करोड़
- नेट लॉस FY2025 (स्टैंडअलोन): ₹13.83 करोड़
- नेट लॉस में बदलाव: ₹2.03 करोड़ की बढ़ोतरी
- नेट वर्थ (स्टैंडअलोन), 31 मार्च 2026 तक: लगभग ₹687.02 करोड़ (नकारात्मक)
