Nicco Uco Alliance Credit Ltd: FY26 में घाटा बढ़कर ₹15.85 करोड़, ट्रेडिंग सस्पेंड

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Nicco Uco Alliance Credit Ltd: FY26 में घाटा बढ़कर ₹15.85 करोड़, ट्रेडिंग सस्पेंड

Nicco Uco Alliance Credit Ltd का FY26 नेट लॉस बढ़कर ₹15.85 करोड़ हो गया है। कंपनी NBFC लाइसेंस रद्द होने के बाद से नॉन-ऑपरेशनल (Non-operational) है और जनवरी 2024 से ट्रेडिंग सस्पेंड है। ऑडिटर ने गोइंग कंसर्न (Going Concern) पर सवाल उठाए हैं।

Nicco Uco Alliance Credit Ltd को बढ़ते घाटे और ऑपरेशनल रोक का सामना

Nicco Uco Alliance Credit Ltd ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹15.85 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस (Consolidated Net Loss) दर्ज किया है, जो पिछले साल के ₹14.22 करोड़ के लॉस से ज्यादा है। इसी तरह, स्टैंडअलोन नेट लॉस (Standalone Net Loss) भी बढ़कर ₹15.85 करोड़ हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह ₹14.23 करोड़ था।

क्या है खास

Nicco Uco Alliance Credit Ltd ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नेट लॉस में बढ़ोतरी की रिपोर्ट दी है। कंपनी का स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड नेट लॉस दोनों ₹15.85 करोड़ पर पहुंच गया है। यह पिछले वित्तीय वर्ष के ₹14.23 करोड़ (स्टैंडअलोन) और ₹14.22 करोड़ (कंसोलिडेटेड) के घाटे से ज्यादा है।

क्यों मायने रखता है यह

बढ़ता घाटा, और RBI द्वारा NBFC लाइसेंस रद्द किए जाने के बाद कंपनी के नॉन-ऑपरेशनल (Non-operational) होने की स्थिति शेयरधारकों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। कंपनी के शेयर जनवरी 2024 से ट्रेडिंग के लिए सस्पेंड हैं, जिससे लिक्विडिटी (Liquidity) पर भारी असर पड़ा है। ऑडिटर ने भी रिपोर्ट पर कुछ सवाल उठाए हैं, जिसमें गोइंग कंसर्न (Going Concern) की अनिश्चितताओं का जिक्र है और डिफॉल्टिंग पार्टियों से रिकवरी के बिना ऑफिस खर्चों को बनाए रखने में संभावित कठिनाई पर प्रकाश डाला गया है।

पीछे की कहानी

Nicco Uco Alliance Credit Ltd की ऑपरेशनल एक्टिविटीज (Operational Activities) को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रद्द करने के कारण रोक दिया गया है। कंपनी लीजिंग (Leasing) या हायर परचेज (Hire Purchase) जैसी फंड-आधारित गतिविधियों में शामिल नहीं है। इसकी वर्तमान आय डिविडेंड (Dividend) और बैंक इंटरेस्ट (Bank Interest) तक ही सीमित है।

अब क्या बदलेगा?

कंपनी को अभी भी कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें SFIO और बैंकों द्वारा रिकवरी के मामले शामिल हैं। 42वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 9 सितंबर, 2026 को निर्धारित है। ऑपरेशनल खर्चों को पूरा करने के लिए, कंपनी अपनी सब्सिडियरी (Subsidiary) Nicco Insurance Agents and Consultants Limited (NIACL) से ₹12 लाख तक का लोन लेने का प्रस्ताव कर रही है।

जोखिम

मुख्य जोखिमों में NBFC लाइसेंस रद्द होने के कारण मुख्य व्यावसायिक संचालन की निरंतर कमी, चल रहे मुकदमेबाजी, ऑडिटर द्वारा उजागर की गई गोइंग कंसर्न (Going Concern) की महत्वपूर्ण अनिश्चितताएं, और ट्रेडिंग सस्पेंशन (Trading Suspension) के कारण गंभीर लिक्विडिटी (Liquidity) की समस्या शामिल हैं।

संदर्भ मेट्रिक्स (समय-आधारित)

  • FY2025-26 स्टैंडअलोन PBT: ₹(15.85) करोड़
  • FY2024-25 स्टैंडअलोन PBT: ₹(14.33) करोड़
  • ट्रेडिंग सस्पेंशन: जनवरी 2024 से
  • 42वीं AGM: 9 सितंबर, 2026 को निर्धारित

आगे क्या देखें

निवेशकों को SFIO और बैंक रिकवरी की कार्यवाही सहित चल रहे कानूनी मामलों के नतीजों और NCLAT अपीलों से किसी भी विकास की निगरानी करनी चाहिए। ये कंपनी की किसी भी संभावित दीर्घकालिक व्यवहार्यता के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.