Neelkanth Rock-Minerals में बड़ा बदलाव आने वाला है। कंपनी के प्रमोटरों ने अपनी **62.06%** हिस्सेदारी बेच दी है, जिससे **₹19.40** प्रति शेयर के भाव पर **26%** शेयरों के लिए ओपन ऑफर (Open Offer) लाया गया है। नए मालिक कंपनी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ओर ले जाने की योजना बना रहे हैं।
Neelkanth Rock-Minerals में मालिकाना हक बदलने की कगार पर
Neelkanth Rock-Minerals Ltd. में अब एक नए मालिक की एंट्री होने वाली है। मौजूदा प्रमोटरों ने अपनी 62.06% हिस्सेदारी मिस्टर शेषा साईं निखिल चिंतालापति को बेचने का एग्रीमेंट (Share Purchase Agreement - SPA) किया है। इस बड़े सौदे के बाद, SEBI के नियमों के तहत 26.00% यानी 13,11,362 इक्विटी शेयरों के लिए एक ओपन ऑफर लाया गया है। यह ओपन ऑफर ₹19.40 प्रति शेयर के भाव पर होगा, जिसके लिए कुल ₹2.54 करोड़ का भुगतान किया जाएगा।
क्यों यह खबर अहम है?
यह डील Neelkanth Rock-Minerals के लिए एक बड़े कंट्रोल चेंज (Change of Control) का संकेत है। ओपन ऑफर छोटे शेयरधारकों को कंपनी से बाहर निकलने का मौका देगा। सबसे खास बात यह है कि नए खरीदार, मिस्टर शेषा साईं निखिल चिंतालापति, कंपनी के बिजनेस को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ओर ले जाना चाहते हैं। यह एक बड़ा स्ट्रेटेजिक मूव (Strategic Shift) है, क्योंकि फिलहाल कंपनी का बिजनेस बहुत सीमित है और कमाई का मुख्य जरिया ब्याज से होने वाली आय है।
पुरानी कहानी
पिछले कुछ फाइनेंशियल इयर्स (Financial Years) में Neelkanth Rock-Minerals ने बहुत कम मुख्य बिजनेस एक्टिविटी दिखाई है। कंपनी का ज्यादातर रेवेन्यू 'अन्य आय' (Other Income) से ही आता रहा है। उदाहरण के लिए, FY 2025-2026 में कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹64.41 लाख और मुनाफा ₹22.72 लाख रहा। इसी तरह, FY 2024-2025 में ₹66.43 लाख का रेवेन्यू और ₹19.55 लाख का मुनाफा, जबकि FY 2023-2024 में ₹66.24 लाख का रेवेन्यू और ₹24.03 लाख का मुनाफा दर्ज किया गया था। खरीदार मिस्टर चिंतालापति की नेट वर्थ (Net Worth) 15 मई 2026 तक ₹46.86 करोड़ थी।
आगे क्या बदलेगा?
नई ओनरशिप के तहत कंपनी का फोकस अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर होगा। इसके लिए कंपनी के स्ट्रक्चर, कैपिटल और एसेट्स (Assets) में जरूरी बदलाव किए जा सकते हैं, जिसके लिए जरूरी अप्रूवल (Approvals) लेने होंगे। ओपन ऑफर की अवधि 18 अगस्त 2026 से 1 सितंबर 2026 तक चलेगी।
किन बातों का रखें ध्यान (Risks to Watch)
BSE पर कंपनी के शेयर 'कम ट्रेड होने वाले' (Infrequently Traded) की श्रेणी में आते हैं, जिससे उन शेयरधारकों को बाहर निकलने में थोड़ी मुश्किल हो सकती है जो ओपन ऑफर का हिस्सा नहीं बनते हैं। कुछ खास परिस्थितियों में, जैसे कि जरूरी रेगुलेटरी अप्रूवल न मिलना या खरीदार की मृत्यु हो जाना, खरीदार के पास ऑफर वापस लेने का अधिकार भी होगा।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को ओपन ऑफर में भाग लेने के डिटेल्स के लिए कंपनी के लेटर ऑफ ऑफर (Letter of Offer) पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। बिजनेस में बदलाव के लिए मिलने वाले रेगुलेटरी अप्रूवल और AI ऑपरेशंस की दिशा में उठाए जाने वाले शुरुआती कदमों पर भी नजर रखना अहम होगा।
