Navigant Corporate Advisors के लिए फाइनेंशियल ईयर 2026 चुनौतीपूर्ण रहा। कंपनी के रेवेन्यू में **40.75%** और नेट प्रॉफिट में **46.13%** की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजे: एक नजर
कंपनी के रेवेन्यू में भारी कमी देखी गई है, जो घटकर ₹4.90 करोड़ पर आ गया है, जबकि पिछले साल यह ₹8.28 करोड़ था। वहीं, नेट प्रॉफिट भी ₹1.65 करोड़ से गिरकर ₹0.89 करोड़ रह गया है। नतीजों की सुस्ती को देखते हुए बोर्ड ने इस साल कोई डिविडेंड न देने का फैसला किया है, ताकि इस पूंजी का इस्तेमाल बिजनेस को आगे बढ़ाने में किया जा सके।
क्यों घटी कमाई?
कंपनी के मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया है कि इनकम टैक्स एक्ट की धारा 56(2)(viib) के तहत वैल्यूएशन के नियमों में बदलाव और उनके हटने का सीधा असर मर्चेंट बैंकिंग के कामकाज पर पड़ा है। चूंकि कंपनी का रेवेन्यू मुख्य रूप से ट्रांजैक्शन-आधारित एडवाइजरी पर निर्भर था, इसलिए नियमों के बदलते ही काम की वॉल्यूम कम हो गई है।
बोर्ड में नए चेहरे और अपडेट
आगामी AGM (29 सितंबर, 2026) में गगन गोयल को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा गया है। गगन गोयल के पास कॉरपोरेट और सिक्योरिटीज लॉ का 13 साल से ज्यादा का अनुभव है। साथ ही, मैनेजिंग डायरेक्टर सार्थक विजिलानी को फिर से नियुक्त करने की प्रक्रिया भी चल रही है।
आगे का रास्ता
रेगुलेटरी बदलावों के रिस्क को देखते हुए मैनेजमेंट अब अपने सर्विस पोर्टफोलियो में विविधता लाने (Diversification) की तैयारी कर रहा है। निवेशकों की नजर अब AGM में होने वाली चर्चाओं पर होगी, क्योंकि कंपनी का भविष्य अब इस पर टिका है कि वे अपनी पारंपरिक निर्भरता को कम करके नए बिजनेस मॉडल को कितनी जल्दी अपनाते हैं।
