Navigant Corporate Advisors Ltd के मुंबई स्थित ऑफिस पर Enforcement Directorate (ED) ने छापेमारी की है। यह कार्रवाई PMLA नियमों के तहत पुराने क्लाइंट वैल्यूएशन रिपोर्ट्स की जांच के सिलसिले में की गई है।
क्या है पूरा मामला?
Enforcement Directorate (ED) ने Navigant Corporate Advisors के अंधेरी ईस्ट, मुंबई स्थित रजिस्टर्ड ऑफिस पर 30 घंटे से भी ज्यादा समय तक सर्च और सीजर ऑपरेशन चलाया। यह कार्रवाई 2 सितंबर की सुबह शुरू हुई और 3 सितंबर, 2026 की शाम को खत्म हुई। यह पूरा सर्च ऑपरेशन Prevention of Money Laundering Act (PMLA), 2002 के तहत किया गया है।
क्यों निशाने पर है कंपनी?
जांच का मुख्य केंद्र कंपनी द्वारा अपने क्लाइंट्स के लिए जारी की गई ऐतिहासिक 'वैल्यूएशन रिपोर्ट्स' (Valuation Reports) हैं। कंपनी का मुख्य बिजनेस कॉर्पोरेट एडवाइजरी और वैल्यूएशन सर्विसेज का है, ऐसे में इन रिपोर्ट्स की विश्वसनीयता पर सवाल उठना कंपनी के लिए बड़ी चिंता का विषय बन सकता है।
कंपनी का क्या कहना है?
मैनेजमेंट ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि वे जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं। कंपनी ने दावा किया है कि ऑपरेशंस पर इसका कोई 'मटेरियल इंपैक्ट' नहीं पड़ेगा और अभी तक उन्हें कोई अतिरिक्त नोटिस या समन नहीं मिला है। कंपनी के अनुसार, बिजनेस कामकाज सामान्य रूप से चल रहे हैं।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to Watch)
हालाँकि कंपनी ने निवेशकों को आश्वस्त करने की कोशिश की है, लेकिन PMLA के तहत होने वाली जांच काफी सख्त होती है। यदि जांच के दौरान वैल्यूएशन रिपोर्ट्स में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो कंपनी की साख (Reputation) को गहरा धक्का लग सकता है। निवेशकों को सलाह है कि वे BSE पर आने वाली कंपनी की रेगुलर डिस्क्लोजर्स पर नजर बनाए रखें और किसी भी नए लीगल अपडेट के प्रति सतर्क रहें।
