National Stock Exchange (NSE) ने सितंबर तिमाही के शानदार नतीजे पेश किए हैं। एक्सचेंज का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट बढ़कर **₹2,577.62 करोड़** हो गया है, साथ ही कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी कंपनी में हिस्सेदारी बेचने का बड़ा फैसला लिया है।
दमदार प्रदर्शन के पीछे की कहानी
सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही में NSE ने शानदार ग्रोथ दिखाई है। एक्सचेंज का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस बढ़कर ₹4,066.80 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹3,676.80 करोड़ था। वहीं, नेट प्रॉफिट में भी बड़ा उछाल देखा गया है, जो पिछले साल के ₹2,098.47 करोड़ के मुकाबले बढ़कर ₹2,577.62 करोड़ हो गया है।
पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव
नतीजों के साथ-साथ एक्सचेंज ने एक बड़ा स्ट्रैटेजिक कदम उठाया है। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने अपनी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी, National Coal Exchange of India Limited, में 40% तक हिस्सेदारी बेचने की मंजूरी दे दी है। यह कदम संभवतः नॉन-कोर एसेट्स को अलग कर वैल्यू अनलॉक करने के इरादे से उठाया गया है।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risk Factors)
हालाँकि कंपनी के फाइनेंशियल नतीजे काफी मजबूत हैं, लेकिन निवेशकों को Coal Exchange की इस हिस्सेदारी बिक्री की टाइमिंग और वैल्यूएशन पर नजर रखनी चाहिए। बाजार की मौजूदा उठापटक के बीच, इस तरह की सेकेंडरी सेल में वैल्यूएशन दबाव या प्रक्रिया में देरी जैसी चुनौतियां सामने आ सकती हैं।
आने वाले क्वार्टर्स में एक्सचेंज द्वारा इस हिस्सेदारी बिक्री की प्रक्रिया और किस्तों पर अधिक जानकारी साझा की जाएगी।
