National Standard India ने Lodha Developers के साथ विलय के लिए आवेदन किया है। कंपनी का FY26 मुनाफा 27% घट गया है, और रेवेन्यू में भी गिरावट आई है। निवेशक अब NCLT के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
National Standard India का Lodha Developers के साथ विलय के लिए आवेदन
National Standard India ने अपने 63वें वार्षिक रिपोर्ट (Annual Report) में वित्तीय प्रदर्शन में साल-दर-साल गिरावट की जानकारी दी है। कंपनी का कहना है कि FY 2025-26 के लिए रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस 8.6% घटकर ₹20.42 करोड़ रह गया, जबकि नेट प्रॉफिट भी पिछले साल के ₹13.20 करोड़ से घटकर ₹9.66 करोड़ हो गया।
विलय की खबर
इसके साथ ही, कंपनी ने यह भी बताया कि 11 जून, 2026 को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), मुंबई बेंच में Lodha Developers Limited के साथ कंपनी के विलय (Merger) के लिए एक आवेदन दायर किया गया है। यह विलय राष्ट्रीय मानक (भारत) लिमिटेड के अधिग्रहण द्वारा अवशोषण के माध्यम से होगा।
आगे क्या?
यह विलय National Standard India के शेयरधारकों के लिए सबसे अहम खबर है, क्योंकि यह कंपनी के भविष्य को तय करेगा। कंपनी ने अपने बिजनेस मॉडल को रियल एस्टेट डेवलपमेंट से बदलकर बिल्डिंग मटेरियल की ट्रेडिंग पर फोकस करने का फैसला किया है।
अब कंपनी NCLT के फैसले का इंतजार कर रही है। साथ ही, शेयरधारकों से Cowtown Infotech Services Limited के साथ FY2026-27 के लिए ₹75 करोड़ तक के रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन (Related Party Transactions) को मंजूरी देने का अनुरोध किया जाएगा। इसके अलावा, M/s. Walker Chandiok & Co. LLP की 5 साल (2026-2031) के लिए नए ऑडिटर के तौर पर नियुक्ति का भी प्रस्ताव है।
जोखिम (Risks)
NCLT द्वारा विलय आवेदन में देरी या उसे अस्वीकार करने का जोखिम मुख्य है। साथ ही, कंपनी का ट्रेडिंग बिजनेस के लिए Cowtown Infotech Services पर निर्भर रहना, एक बड़ा गवर्नेंस और ऑपरेशनल जोखिम (Operational Risk) पेश करता है, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।
