Nakoda Group of Industries ने कैपिटल जुटाने के अपने प्लान के तहत 52 लाख कनवर्टिबल वारंट जारी करने की मंजूरी दे दी है। ये वारंट ₹28 प्रति शेयर के भाव पर जारी किए गए हैं, और इसके लिए 25% की शुरुआती पेमेंट करनी होगी।
Nakoda Group ने क्यों जारी किए वारंट?
कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 52,00,000 कनवर्टिबल वारंट को प्रिफरेंशियल बेसिस पर आवंटित करने की मंजूरी दे दी है। शेयरधारकों ने 13 मई, 2026 को हुई एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) में इस पर मुहर लगाई थी। साथ ही, BSE और NSE ने 30 जून, 2026 को इन-प्रिंसिपल अप्रूवल भी दे दिया है।
क्या है इस फैसले का मतलब?
यह प्रिफरेंशियल अलॉटमेंट कंपनी के लिए कैपिटल जुटाने का एक जरिया है। इससे यह भी पता चलता है कि निवेशकों का कंपनी के भविष्य को लेकर भरोसा बढ़ा है। माना जा रहा है कि जुटाए गए फंड का इस्तेमाल बिजनेस बढ़ाने या अन्य ज़रूरी खर्चों के लिए किया जाएगा।
वारंट्स पर कैसे होगा आगे का काम?
वारंट्स अलॉट करते समय ₹7 प्रति वारंट, यानी इश्यू प्राइस का 25% भुगतान किया जा चुका है। बाकी का 75% यानी ₹21 प्रति वारंट तब देना होगा, जब इन वारंट्स को इक्विटी शेयर्स में बदला जाएगा।
निवेशकों के लिए रिस्क फैक्टर
निवेशकों को इन वारंट्स के इक्विटी शेयर्स में कन्वर्जन पर नज़र रखनी चाहिए। अगर कन्वर्जन नहीं होता है या बाकी पेमेंट में देरी होती है, तो यह कंपनी के लिए वित्तीय समस्या या अलॉटीज़ के भरोसे में कमी का संकेत हो सकता है। कन्वर्जन के बाद मौजूदा शेयरहोल्डिंग में होने वाली डाइल्यूशन (Dilution) पर भी ध्यान देना ज़रूरी है।
