NHPC Share Price: सरकार बेच रही 6% हिस्सेदारी! ₹71 फ्लोर प्राइस पर OFS शुरू

BANKINGFINANCE
Whalesbook Corporate News Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
NHPC Share Price: सरकार बेच रही 6% हिस्सेदारी! ₹71 फ्लोर प्राइस पर OFS शुरू
Overview

सरकार, यानि भारत के राष्ट्रपति, NHPC लिमिटेड में अपनी **6%** तक की हिस्सेदारी ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचने जा रहे हैं। यह बिक्री **2 जून, 2026** से शुरू होगी और इसके लिए फ्लोर प्राइस **₹71** प्रति शेयर रखा गया है।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

NHPC में सरकार की बड़ी बिकवाली!

NHPC लिमिटेड के निवेशकों के लिए एक अहम खबर आई है। सरकार, जो कि कंपनी की प्रमोटर है, अब इसमें अपनी हिस्सेदारी कम करने जा रही है। भारत के राष्ट्रपति (ऊर्जा मंत्रालय के माध्यम से) 60,27,02,088 शेयरों की बिक्री करेंगे, जो कि कंपनी की कुल इक्विटी का 6% है। यह बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए की जाएगी।

OFS की पूरी जानकारी

इस OFS में 30,13,51,044 शेयर (कुल इक्विटी का 3%) बेस ऑफर साइज के तौर पर रखे गए हैं। इसके अलावा, अगर मांग ज्यादा रहती है तो अतिरिक्त 30,13,51,044 शेयर (और 3%) बेचने का भी विकल्प है। यानी कुल मिलाकर 6% तक हिस्सेदारी बेची जा सकती है।

बिक्री 2 जून, 2026 को नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए शुरू होगी और 3 जून, 2026 को रिटेल निवेशकों और कर्मचारियों के लिए खुलेगी। कंपनी ने फ्लोर प्राइस ₹71.00 प्रति शेयर तय किया है।

निवेशकों के लिए क्या है मायने?

इस बिकवाली से बाजार में NHPC के शेयरों की लिक्विडिटी (तरलता) बढ़ेगी। निवेशकों के लिए ₹71 का फ्लोर प्राइस एक तरह का बेंचमार्क होगा। OFS की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि बाजार की मांग कैसी रहती है और क्या शेयर इस फ्लोर प्राइस पर या इससे ऊपर खरीदे जाते हैं।

पीछे की कहानी

NHPC लिमिटेड भारत की एक सरकारी बिजली उत्पादन कंपनी है, जो मुख्य रूप से हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। सरकार अपनी हिस्सेदारी बेचकर विनिवेश (Disinvestment) के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में यह कदम उठा रही है।

क्या बदलेगा?

OFS के बाद, NHPC में सरकार की हिस्सेदारी कम हो जाएगी, जिससे शेयरहोल्डिंग पैटर्न और अधिक विविध हो सकता है। निवेशकों को स्टॉक पर इसके प्रभाव का आकलन करने के लिए सब्सक्रिप्शन लेवल पर नजर रखनी होगी।

जोखिम (Risks)

  • रद्द होने का जोखिम: अगर फ्लोर प्राइस पर या उससे ऊपर पर्याप्त मांग नहीं आती है, तो सरकार पूरी बिक्री रद्द कर सकती है।
  • बाजार की अस्थिरता: OFS बाजार की स्थितियों के अधीन है, और किसी बड़ी गिरावट से सब्सक्रिप्शन प्रभावित हो सकता है।

आगे क्या देखें?

निवेशकों को नॉन-रिटेल और रिटेल दोनों श्रेणियों से सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। अलॉटमेंट और फाइनल प्राइस डिस्कवरी अहम होगी।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.