NHC Foods: कैपिटल जुटाने की तैयारी, शेयर होल्डर्स की बैठक में होगा बड़ा फैसला!

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AuthorAditya Rao|Published at:
NHC Foods: कैपिटल जुटाने की तैयारी, शेयर होल्डर्स की बैठक में होगा बड़ा फैसला!

NHC Foods ने अपने फंड जुटाने की योजना को हरी झंडी दे दी है। कंपनी **53.76 करोड़ रुपये** के प्रेफरेंशियल इश्यू (Preferential Issue) के जरिए और अपनी अधिकृत पूंजी को **2,000 करोड़ रुपये** तक बढ़ाने का फैसला किया है।

NHC Foods ने बढ़ाई पूंजी, जानिए क्या है पूरी योजना?

NHC Foods लिमिटेड के बोर्ड ने 53.76 करोड़ रुपये जुटाने के लिए 25.6 करोड़ वारंट्स (Warrants) को 2.10 रुपये प्रति वारंट की दर से नॉन-प्रमोटर्स को जारी करने की मंजूरी दे दी है। यह इश्यू शेयर होल्डर की मंजूरी के अधीन है, जिसकी वोटिंग 23 सितंबर, 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में होगी।

कंपनी ने अपनी अधिकृत पूंजी (Authorized Capital) को भी 100 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2,000 करोड़ रुपये कर दिया है। यह कदम भविष्य में कंपनी को और अधिक फंड जुटाने या विस्तार योजनाओं के लिए एक बड़ी गुंजाइश देगा।

FCCB कन्वर्जन और नए CFO की नियुक्ति

कंपनी ने 19 फॉरेन करेंसी कन्वर्टिबल बॉन्ड्स (FCCBs) को इक्विटी शेयरों में बदलने का काम भी पूरा कर लिया है। इसके तहत 18.18 करोड़ इक्विटी शेयर जारी किए गए हैं। हालांकि, इससे मौजूदा शेयरधारकों के हिस्से में थोड़ी कमी (Equity Dilution) आ सकती है, लेकिन कंपनी का कर्ज कम होगा।

इसके अलावा, कंपनी ने श्री प्रदीप अग्रवाल को नया चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त किया है। उन्होंने श्री मनोज कुमार शर्मा की जगह ली है, जिनका इस्तीफा 25 अगस्त, 2026 से प्रभावी होगा। अग्रवाल 1 सितंबर, 2026 से अपना पदभार संभालेंगे।

निवेशकों के लिए क्या है मायने?

यह कदम NHC Foods के लिए एक बड़ा फाइनेंशियल रीस्ट्रक्चरिंग (Financial Restructuring) का संकेत देता है। बढ़ी हुई पूंजी से कंपनी को विस्तार योजनाओं और निवेश में मदद मिलेगी। FCCB के कन्वर्जन से कंपनी पर कर्ज का बोझ कम होगा, लेकिन इक्विटी डाइल्यूशन (Equity Dilution) पर निवेशकों की नजर रहेगी। नए CFO की नियुक्ति से कंपनी की वित्तीय रणनीति में बदलाव की उम्मीद की जा सकती है।

आगे क्या देखना है?

निवेशकों को अब 23 सितंबर, 2026 को होने वाली AGM में शेयरधारकों की मंजूरी का इंतजार रहेगा। साथ ही, यह देखना अहम होगा कि कंपनी इस जुटाए गए फंड का इस्तेमाल कैसे करती है और इसका कंपनी के मुनाफे (Profit) और कर्ज पर क्या असर पड़ता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.