Muthoot Microfin ने अपने कैपिटल मैनेजमेंट प्लान के तहत सिक्योरड NCDs के जरिए **₹250 करोड़** की राशि जुटाई है। **24 महीने** की अवधि वाले इस फंड का कूपन रेट **9.25%** तय किया गया है।
फंड जुटाने की रणनीति
कंपनी ने प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए इन नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) को जारी किया है। यह कदम कंपनी की अपनी उधारी लागत (Borrowing Cost) को कम करने की स्ट्रैटेजी का हिस्सा है। इस पर ब्याज का भुगतान मासिक आधार पर किया जाएगा और इन डिबेंचर्स को BSE पर लिस्ट कराया जाएगा। हाल ही में कंपनी की क्रेडिट रेटिंग में सुधार होकर CRISIL AA-/Stable होने के बाद यह फंड जुटाना और आसान हो गया है।
कंपनी की मौजूदा स्थिति
FY26 में अब तक मुथूट माइक्रोफाइन अपनी फंड कॉस्ट में 75 bps की कटौती करने में सफल रही है। कंपनी का ऑपरेशनल नेटवर्क 21 राज्यों और 392 जिलों में फैला हुआ है, जिसमें 1,671 ब्रांच शामिल हैं। वर्तमान में कंपनी 3.25 मिलियन ग्राहकों को सेवा दे रही है और इसका ग्रॉस लोन पोर्टफोलियो ₹14,457.2 करोड़ का है।
निवेशकों के लिए अहम संकेत
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि कंपनी का ध्यान अब आक्रामक विस्तार और ब्याज खर्चों के बीच संतुलन बनाए रखने पर है। भविष्य में निवेशकों की नजर इस बात पर होनी चाहिए कि क्या कंपनी माइक्रोफाइनेंस के कॉम्पिटिटिव मार्केट में अपने नेट इंटरेस्ट मार्जिन को बरकरार रख पाती है या नहीं।
