Muthoot Microfin ने Q2 FY27 के लिए दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का AUM **22%** बढ़कर **₹15,323 करोड़** पर पहुंच गया है, साथ ही पहली बार कॉस्ट ऑफ फंड्स घटकर **9.93%** के सिंगल डिजिट में आ गया है।
ग्रोथ और परफॉर्मेंस की कहानी
Muthoot Microfin के हालिया प्रोविजनल नतीजों ने बाजार का ध्यान खींचा है। कंपनी के असेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 22% की साल-दर-साल वृद्धि दर्ज की गई है, जो अब ₹15,323 करोड़ के स्तर पर है। इसके अलावा, तिमाही आधार पर डिसबर्समेंट (Disbursement) भी 28% बढ़कर ₹2,900 करोड़ रहा।
क्यों खास हैं ये आंकड़े?
कंपनी के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि इसका 'कॉस्ट ऑफ फंड्स' है, जो पहली बार 9.93% के सिंगल डिजिट स्तर पर आया है। यह बेहतर लायबिलिटी मैनेजमेंट और आसान कैपिटल एक्सेस को दर्शाता है। साथ ही, 47% कलेक्शन डिजिटल माध्यम से होना कंपनी की बढ़ती ऑपरेशनल एफिशिएंसी का सबूत है।
पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव
कंपनी अब पारंपरिक JLG लेंडिंग से हटकर अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई कर रही है। अब कंपनी के कुल पोर्टफोलियो में 31% हिस्सेदारी नॉन-JLG लोन की है। इसके अलावा, 'Mahila Mitra' ऐप को भी जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है, जिसके 22 लाख से अधिक डाउनलोड हो चुके हैं। साथ ही, Muthoot Fincorp Limited के साथ मिलकर ₹453 करोड़ के गोल्ड लोन का वितरण भी किया गया है।
आगे की राह
वर्तमान आंकड़े प्रोविजनल हैं, इसलिए निवेशकों को अंतिम ऑडिटेड नतीजों का इंतजार करना चाहिए। भविष्य में कंपनी के नॉन-JLG लोन सेगमेंट और रिस्क मैनेजमेंट पर नजर रखना निवेशकों के लिए काफी अहम होगा।
