Muthoot Finance ने FY26 के नतीजों में झंडे गाड़ दिए हैं। कंपनी का मुनाफा **98%** उछलकर **₹10,607 करोड़** पर पहुंच गया है, साथ ही कंपनी ने Muthoot Money के विलय और नई लीडरशिप की घोषणा की है। निवेशकों के लिए **300%** का मोटा डिविडेंड भी तय किया गया है।
रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन
Muthoot Finance ने FY26 में ऐतिहासिक आंकड़े पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹10,607 करोड़ रहा है। वहीं, कंपनी का लोन AUM बढ़कर ₹1,81,916 करोड़ हो गया है। बोर्ड ने शेयरधारकों के लिए ₹30 प्रति शेयर यानी 300% डिविडेंड देने की सिफारिश की है।
बड़े स्ट्रक्चरल बदलाव
कंपनी अपने कामकाज को आसान बनाने के लिए अपनी सब्सिडियरी Muthoot Money का मुख्य इकाई में विलय करेगी, जिसकी प्रभावी तारीख 1 अप्रैल, 2027 रखी गई है। इससे 1,006 शाखाओं के संचालन में बड़ी सहूलियत मिलेगी। वहीं, लीडरशिप में बदलाव के तहत अलेक्जेंडर जॉर्ज (Alexander George) 1 अक्टूबर, 2026 से मैनेजिंग डायरेक्टर का पद संभालेंगे।
ऑपरेशंस और ग्रोथ
कंपनी का नेटवर्क अब 7,568 शाखाओं तक फैल चुका है। 'iMuthoot' ऐप के जरिए डिजिटल अडॉप्शन ने रफ्तार पकड़ी है, जिससे प्रति शाखा AUM 47% बढ़कर ₹30.98 करोड़ हो गया है। इंटरनल ऑटोमेशन के चलते कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी में 62% का बड़ा सुधार देखा गया है।
इन जोखिमों पर रखें नज़र
मर्जर अभी रेगुलेटरी अप्रूवल के अधीन है, इसलिए निवेशकों को इसकी समयसीमा पर नजर रखनी होगी। कंपनी RBI की 'अपर लेयर' NBFC में आती है, इसलिए गोल्ड लोन सेक्टर से जुड़े रेगुलेटरी नियमों और सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी के बिजनेस पर असर डाल सकते हैं।
