Muthoot Capital Services ने प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए ₹150 करोड़ जुटा लिए हैं। कंपनी ने सीनियर सिक्योर्ड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) जारी किए हैं, जिनका कूपन रेट **9.25%** सालाना तय किया गया है और इसकी अवधि **24 महीने** है।
फंड जुटाने की प्रक्रिया
Muthoot Capital Services ने कुल 15,000 सीनियर, सिक्योर्ड और रिडीमेबल NCDs का अलॉटमेंट पूरा कर लिया है। इस इश्यू का कुल आकार ₹150 करोड़ है, जिसमें ₹75 करोड़ का बेस साइज और ₹75 करोड़ का ग्रीन शू ऑप्शन शामिल है। हर NCD की फेस वैल्यू ₹1,00,000 तय की गई है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
इस फंड जुटाने के तरीके से कंपनी को 9.25% की दर पर पूंजी मिली है, जिसका भुगतान तिमाही आधार पर किया जाएगा। इसमें 'स्टेप-अप' कूपन मैकेनिज्म भी शामिल है, जो कंपनी की क्रेडिट रेटिंग में बदलाव के अनुसार ब्याज दर को 25 बेसिस पॉइंट्स तक एडजस्ट करेगा। सुरक्षा के लिए कंपनी को अपने लोन रिसीवेबल्स पर 1.1x का एसेट कवरेज रेश्यो बनाए रखना अनिवार्य है।
जोखिम और निगरानी
निवेशकों को कंपनी की एसेट क्वालिटी पर कड़ी नजर रखनी चाहिए क्योंकि ये NCDs लोन पोर्टफोलियो के बदले सुरक्षित हैं। अगर लोन बुक की क्वालिटी बिगड़ती है, तो कवरेज रेश्यो पर दबाव आ सकता है। साथ ही, भुगतान में देरी होने पर 2% का अतिरिक्त पेनल्टी ब्याज लगाने का प्रावधान है, जो कंपनी के लिक्विडिटी मैनेजमेंट की अहमियत को दर्शाता है।
आगे क्या होगा?
कंपनी इन डिबेंचर्स को BSE पर लिस्ट कराने की योजना बना रही है। शेयरधारकों को सलाह है कि वे आगामी फाइनेंशियल फाइलिंग्स पर नजर रखें ताकि कंपनी के डेट-टू-इक्विटी रेश्यो और एसेट कवरेज शर्तों के अनुपालन की पुष्टि हो सके।
