Muthoot Capital Services ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल आधार पर **₹2.83 करोड़** से बढ़कर **₹4.40 करोड़** पर पहुंच गया है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि कंपनी का ग्रॉस NPA **6.46%** से घटकर **4.81%** रह गया है।
मुनाफे में जोरदार वापसी
सितंबर 2026 की तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। अगर छमाही (H1) की बात करें, तो कंपनी ने ₹12.52 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को ₹1.84 करोड़ का घाटा हुआ था। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू भी बढ़कर ₹175.39 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹153.40 करोड़ था।
NPA में गिरावट और पूंजी जुटाने की कवायद
एसेट क्वालिटी में सुधार कंपनी के लिए सबसे बड़ा प्लस पॉइंट है। ग्रॉस NPA का 4.81% तक गिरना यह दर्शाता है कि कंपनी की रिकवरी प्रक्रिया बेहतर हो रही है। साथ ही, कंपनी ने अपने फंड्स को मजबूत करने के लिए NCDs के जरिए ₹250 करोड़ जुटाए हैं।
रिस्क फैक्टर और सतर्कता
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि हाल ही में कंपनी ने धोखाधड़ी के 4 मामले पकड़े हैं, जिसमें ₹0.86 करोड़ की गड़बड़ी सामने आई थी। हालांकि कंपनी ने इसके लिए 100% प्रोविजनिंग कर दी है, लेकिन इंटरनल कंट्रोल पर नजर रखना जरूरी है। इसके अलावा, कंपनी ने ₹155.90 करोड़ का डायरेक्ट असाइनमेंट ट्रांजैक्शन भी किया है।
अन्य कॉर्पोरेट अपडेट
कंपनी की नॉमिनेशन और रेमुनरेशन कमेटी ने 2,68,979 ESOPs जारी करने की मंजूरी दी है, जिनका एक्सरसाइज प्राइस ₹222.12 प्रति शेयर तय किया गया है। साथ ही, कंपनी के आउटस्टैंडिंग सिक्योरड NCDs (₹1,373.01 करोड़) के लिए सुरक्षा कवर पूरी तरह बरकरार है।
