Motor & General Finance ने अपनी नई दिल्ली स्थित प्रॉपर्टी को **₹181.47 करोड़** में बेचकर अपना सारा कर्ज चुका दिया है। इस डील से हुए बड़े मुनाफे के चलते कंपनी का FY26 प्रॉफिट **₹1.19 करोड़** से बढ़कर **₹143.51 करोड़** पर पहुंच गया है, हालांकि भविष्य के लिए लिक्विडिटी बनाए रखने हेतु कंपनी ने डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है।
कर्ज से आजादी और मुनाफे की उड़ान
Motor & General Finance (MGF) अब पूरी तरह से कर्जमुक्त हो गई है। कंपनी ने 31 मार्च, 2026 तक अपनी सभी देनदारियों को खत्म कर दिया है। यह बड़ी राहत कंपनी को अपनी नई दिल्ली स्थित 'मोहन कोऑपरेटिव इंडस्ट्रियल एस्टेट' की प्रॉपर्टी को Haldiram Marketing Pvt. Ltd. को बेचकर मिली है। इस सौदे से कंपनी को कुल ₹181.47 करोड़ की राशि प्राप्त हुई, जिससे बैलेंस शीट पूरी तरह साफ हो गई है।
नतीजों का विश्लेषण
इस एसेट सेल से कंपनी को ₹160.07 करोड़ का एक्सेप्शनल गेन हुआ है, जिसका सीधा असर बॉटम लाइन पर दिखा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट जो पिछले साल महज ₹1.19 करोड़ था, वह अब उछलकर ₹143.51 करोड़ पर आ गया है। हालांकि, कैश रिजर्व को भविष्य के ग्रोथ प्लान और निवेश के लिए सुरक्षित रखने के चलते बोर्ड ने इस साल कोई डिविडेंड नहीं देने का निर्णय लिया है।
अन्य कॉर्पोरेट बदलाव
प्रॉपर्टी डील के अलावा, MGF ने 18 सितंबर, 2025 को Jayabharat Credit Limited में अपनी हिस्सेदारी भी बेच दी है, जिसके बाद अब वह कंपनी की एसोसिएट नहीं रही। कंपनी का पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल ₹19.36 करोड़ पर स्थिर बना हुआ है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण यह होगा कि कंपनी इस अतिरिक्त कैश का उपयोग भविष्य में किस तरह के रिवेन्यू स्ट्रीम्स बनाने के लिए करती है। कंपनी की अगली 96वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 24 सितंबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी, जिसमें मैनेजमेंट की भविष्य की रणनीति पर नजरें रहेंगी।
