Motilal Oswal Financial Services के निवेशकों के लिए एक और अच्छी खबर है। कंपनी की सब्सिडियरी, Motilal Oswal Custodial Services को SEBI से कस्टोडियन ऑफ सिक्योरिटीज (Custodian of Securities) के रूप में काम करने की औपचारिक मंजूरी मिल गई है।
बड़े विस्तार की तैयारी
इस रेगुलेटरी मंजूरी के बाद कंपनी अपनी संस्थागत (Institutional) सर्विस के दायरे को और बड़ा करने जा रही है। कंपनी अब एसेट सेफकीपिंग, ट्रेड सेटलमेंट, कॉर्पोरेट एक्शन प्रोसेसिंग और रेगुलर रिपोर्टिंग जैसी अहम सेवाएं प्रदान कर सकेगी। कंपनी का लक्ष्य 2026 की चौथी तिमाही तक पूरी तरह से ऑपरेशंस शुरू करने का है।
किसके लिए फायदेमंद?
यह फैसला कंपनी के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। अब मोतीलाल ओसवाल अपने इक्विटी, वेल्थ मैनेजमेंट और इन्वेस्टमेंट बैंकिंग के साथ-साथ कस्टोडियल सर्विसेज का एक इंटीग्रेटेड पैकेज दे पाएगा। इससे निम्नलिखित संस्थाओं को सीधा फायदा होगा:
- AIF (Alternative Investment Funds)
- PMS (Portfolio Management Services)
- इंश्योरेंस कंपनियां और पेंशन फंड्स
आगे की राह
हालांकि लाइसेंस मिल गया है, लेकिन बाजार की नजरें कंपनी की 'ऑपरेशनल रेडीनेस' पर होंगी। SEBI के कड़े मानकों, जैसे नेट वर्थ की शर्तें और ऑडिट कंट्रोल को पूरा करना कंपनी की पहली प्राथमिकता होगी। निवेशकों को सलाह है कि वे आने वाले समय में कंपनी द्वारा क्लाइंट्स को ऑनबोर्ड करने की रफ्तार पर नजर रखें, क्योंकि यही कंपनी के नए वर्टिकल की असली कमाई तय करेगा।
