Morarka Finance के FY26 नतीजों का खुलासा
Morarka Finance Limited ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने ₹1.43 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष के ₹2.80 करोड़ की तुलना में कम है। वहीं, टैक्स से पहले का मुनाफा (Profit Before Tax) भी घटकर ₹1.66 करोड़ पर आ गया, जबकि FY25 में यह ₹3.17 करोड़ था। 31 मार्च, 2026 तक कंपनी की कुल संपत्ति (Total Assets) ₹116.99 करोड़ बताई गई है।
निवेशकों के लिए डिविडेंड (Dividend) का ऐलान
इन नतीजों के बीच, कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹1.50 प्रति इक्विटी शेयर यानी 15% का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है। इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 8 जुलाई, 2026 तय की गई है।
नतीजों का असर और भविष्य की रणनीति
मुनाफे में आई यह गिरावट कंपनी के प्रदर्शन पर कुछ सवाल उठाती है। लेकिन, डिविडेंड की सिफारिश से यह संकेत मिलता है कि मैनेजमेंट शेयरधारकों को रिटर्न देने में विश्वास रखता है। कंपनी अब कैपिटल मार्केट से हटकर रेंटल और कंसल्टेंसी जैसी स्थिर आय वाले बिजनेस पर फोकस करने की योजना बना रही है, जो लंबी अवधि के लिए कंपनी को मजबूत कर सकता है।
नियामक (Regulatory) बदलाव और लीडरशिप में फेरबदल
एक अहम डेवलपमेंट में, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 22 सितंबर, 2025 को Morarka Finance का रजिस्ट्रेशन स्टेटस NBFC – Type-II से बदलकर NBFC – Type-I कर दिया है। इसके अलावा, 24 अप्रैल, 2026 से श्री प्रणय जी. मोरारका CEO के पद से प्रमोट होकर मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) का पद संभालेंगे, जो पांच साल के लिए होगा (शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर)।
नई डील और जोखिम (Risks)
कंपनी ने फाइनेंस और कंप्लायंस सेवाओं के लिए Dwarikesh Sugar Industries Limited के साथ एक मैनेजमेंट कंसल्टेंसी एग्रीमेंट भी किया है, जिसके तहत हर महीने ₹3.25 लाख का भुगतान किया जाएगा। मैनेजमेंट का मानना है कि कैपिटल मार्केट पर निर्भरता के कारण आय में अस्थिरता एक चिंता का विषय है। हालांकि, रेंटल और कंसल्टेंसी आय की ओर झुकाव इस जोखिम को कम करने में मदद करेगा। कंपनी की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 15 जुलाई, 2026 को निर्धारित है।
