Moneyview Ltd के बोर्ड ने अपनी कंपनी के कामकाज और कैपिटल स्ट्रक्चर में बड़े बदलावों को मंजूरी दी है। इसमें की-शेयरहोल्डर्स के लिए डायरेक्टर नॉमिनेशन राइट्स और **₹253.15 करोड़** की ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल को इक्विटी में बदलना शामिल है।
गवर्नेंस और कैपिटल में बड़े बदलाव
Moneyview Ltd के बोर्ड ने कंपनी की कॉर्पोरेट गवर्नेंस और कैपिटल को रिस्ट्रक्चर करने के लिए एक अहम फैसला लिया है। ये प्रस्ताव अब शेयरहोल्डर्स के पास 'पोस्टल बैलेट' (Postal Ballot) के जरिए अंतिम मंजूरी के लिए भेजे जाएंगे।
क्या हैं नए नियम?
बोर्ड ने 'आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन' (AOA) में बदलाव किए हैं, जिससे डायरेक्टर नॉमिनेशन के अधिकार तय हो गए हैं।
- पुनीत अग्रवाल और संजय अग्रवाल: यदि इनके पास कम से कम 5% हिस्सेदारी है और वे कंपनी में कार्यरत हैं, तो वे एक-एक डायरेक्टर को नॉमिनेट कर सकेंगे।
- Accel Group: कंपनी में 10% की हिस्सेदारी बरकरार रखने पर इन्हें भी एक डायरेक्टर नॉमिनेट करने का अधिकार दिया गया है।
इसके अलावा, कंपनी ने ₹253.15 करोड़ की ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल को केवल 'इक्विटी शेयर्स' में बदलने का फैसला किया है। यानी अब तक चल रहे 'Compulsorily Convertible Preference Shares' (CCPS) को पूरी तरह से इक्विटी में बदल दिया जाएगा।
ESOP और भविष्य की राह
कंपनी ने अपने 2015 के ESOP प्लान को भी रैटिफाई किया है, जिसमें सहायक कंपनियों के कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य टैलेंट को रिटेन करना है। कैपिटल बेस को सरल बनाने से निवेशकों के लिए ट्रांसपेरेंसी बढ़ेगी, जो भविष्य में किसी भी 'लिक्विडिटी इवेंट' (जैसे IPO या एक्विजिशन) के लिए एक सकारात्मक कदम हो सकता है।
अब शेयरहोल्डर्स को पोस्टल बैलेट नोटिस भेजा जाएगा, जिसमें वोटिंग की पूरी प्रक्रिया समझाई जाएगी।
