Moneyboxx Finance ने अपनी लोनिंग पॉलिसी में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी अब 80% 'सिक्योर्ड' लोन पर फोकस कर रही है और इसका लक्ष्य मार्च 2027 तक इस टारगेट को हासिल करना है। इस बदलाव से कंपनी अपने पोर्टफोलियो को और मजबूत बनाना चाहती है, भले ही थोड़े समय के लिए लोन बांटने की ग्रोथ धीमी हो जाए।
Moneyboxx Finance का 'सिक्योर्ड' लोन पर फोकस, AUM ₹832 करोड़ पर
Moneyboxx Finance का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) जून 2026 तक ₹832 करोड़ पर पहुंच गया है। कंपनी ने पिछले साल की तुलना में 5% की ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ दर्ज की है (ARC इंपैक्ट को छोड़कर)। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में, कंपनी ने ₹77 करोड़ का डिस्बर्समेंट किया और ₹0.21 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) कमाया।
आगे क्या?
Moneyboxx Finance ने अपनी लोन पोर्टफोलियो को लेकर एक बड़ा स्ट्रेटेजिक बदलाव किया है। कंपनी अब अनसिक्योर्ड (Unsecured) लोन काफी कम कर रही है और ज्यादा वैल्यू वाले, सिक्योर्ड (Secured) लोन पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इसके चलते, मौजूदा डिस्बर्समेंट में सिक्योर्ड लोन का हिस्सा बढ़कर 87% हो गया है, जो FY26 में सिर्फ 67% था। कंपनी का लक्ष्य है कि मार्च 2027 तक, उसके कुल AUM का लगभग 80% सिक्योर्ड लोन हो।
यह बदलाव क्यों मायने रखता है?
इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य कंपनी के पोर्टफोलियो को ज्यादा मजबूत बनाना और क्रेडिट कॉस्ट को कम करना है। हालांकि, इस वजह से दूसरी कंपनियों की तुलना में डिस्बर्समेंट ग्रोथ में थोड़ी नरमी आई है, लेकिन मैनेजमेंट का मानना है कि लंबी अवधि की स्थिरता और बेहतर रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न के लिए यह एक जरूरी कदम है।
क्या बदला है?
अप्रैल 2026 से, Moneyboxx Finance ने अनसिक्योर्ड लोन बांटना बंद कर दिया है (कुछ खास पार्टनरशिप और पंजाब को छोड़कर) और ₹5 लाख से कम के सिक्योर्ड लोन भी देना रोक दिए हैं (चुनिंदा सोलर लोन ब्रांच को छोड़कर)। यह सब ज्यादा वैल्यू वाले, सिक्योर्ड लेंडिंग प्रोडक्ट्स की ओर बढ़ने की रणनीति का हिस्सा है।
नए ग्रोथ इंजन
कंपनी अब रिन्यूएबल एनर्जी लेंडिंग जैसे नए ग्रोथ एरिया पर फोकस कर रही है, जिसका लक्ष्य FY27 तक कुल AUM का 10% हासिल करना है। साथ ही, पार्टनरशिप के जरिए लोन सोर्सिंग को बढ़ाया जा रहा है, जिसका लक्ष्य जनवरी 2027 तक 30% डिस्बर्समेंट हासिल करना है। बेहतर अंडरराइटिंग और कलेक्शन के लिए 'Moneyboxx One' और 'Sikka' जैसे एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है।
जोखिम और चिंताएं
आगे चलकर, डिस्बर्समेंट की रफ्तार पर पड़ने वाले असर, ऑपरेटिंग लीवरेज हासिल करने के लिए AUM को बढ़ाने की जरूरत, और पार्टनरशिप बुक की क्रेडिट क्वालिटी पर नजर रखनी होगी, खासकर जब क्रेडिट गारंटी धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी।
पीयर कंपैरिजन (Peer Comparison)
मैनेजमेंट ने स्वीकार किया है कि पोर्टफोलियो एडजस्टमेंट के कारण डिस्बर्समेंट ग्रोथ पीयर्स (Peers) से पीछे चल रही है, जो ग्रोथ की अलग-अलग रणनीतियों को दर्शाता है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को पार्टनरशिप-आधारित ग्रोथ स्ट्रैटेजी के अमल पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। साथ ही, कंपनी की क्षमता का आकलन करना होगा कि वह 2027 की शुरुआत तक ऑपरेटिंग लीवरेज को सामान्य करने के लिए मैनेजमेंट के ₹1,600-1,700 करोड़ के AUM टारगेट को कैसे हासिल करती है।
